टेस्ट कप्तान बनने के बाद रोहित ने बतायी सबसे बड़ी चुनौती, जानें क्या है सबसे अहम जिम्मेदारी

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच मोहाली के मैदान पर खेले गये पहले टेस्ट मैच में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम ने एक पारी और 222 रनों की जीत हासिल कर सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इसके साथ ही टेस्ट प्रारूप की कप्तानी में डेब्यू कर रहे रोहित शर्मा ने बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया और 67 साल बाद अपने कप्तानी डेब्यू मैच में एक पारी और रन से जीत हासिल करने वाले दूसरे कप्तान बन गये हैं। भारतीय टीम की नियमित रूप से कप्तानी संभालने के बाद से रोहित शर्मा लगातार जीत हासिल करते नजर आ रहे हैं। नवंबर 2021 में टी20 की कमान संभालने के बाद रोहित शर्मा अब तक 13 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में टीम की कमान संभाल चुके हैं और लगातार जीत हासिल करते नजर आये हैं।

IND vs SL
Photo Credit: BCCI/Twitter

रोहित शर्मा के कप्तानी में सफल रिकॉर्ड को देखते हुए लोगों को उनसे काफी उम्मीद है और उन्हें आशा है कि 2013 के बाद से भारतीय टीम का आईसीसी खिताब नहीं जीत पाने का सूखा उनकी कप्तानी में समाप्त हो जायेगा। हालांकि रोहित शर्मा को लगता है कि एक कप्तान के रूप में सिर्फ जीत हासिल करना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी नहीं होती है।

और पढ़ें: 'मैं उसके लिये दूसरा स्थान क्यों रखूं', अश्विन ने तोड़ा रिकॉर्ड तो कपिल देव ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

जीत के अलावा भी कप्तान की होती है यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी

जीत के अलावा भी कप्तान की होती है यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी

तीसरे दिन मैच जीतने के बाद जब रोहित शर्मा ने पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात की तो उन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में मैच जीतने के अलावा अपनी सबसे बड़ी चुनौती के बारे में बताया।

उन्होंने कहा,'अगर आप एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करते हैं तो आपको अभी से सोचना शुरू करना होगा क्योंकि तभी भारतीय क्रिकेट अच्छे हाथों में होगा। एक कप्तान के रूप में यह मेरे लिये सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी है। मुझे ज्यादा से ज्यादा काम करना है ताकि एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार हो सके और इसको लेकर दिमाग में कई बातें रखनी होगी।'

कप्तान के रूप में यह है सबसे बड़ी चुनौती

कप्तान के रूप में यह है सबसे बड़ी चुनौती

इस दौरान रोहित शर्मा ने टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों के गैर मौजूद होने के चलते युवा खिलाड़ियों को लंबे समय तक मौका देने पर जोर दिया और कहा कि अगर आप मौका देंगे तभी वो अपना बेस्ट दे पाने में सफल हो सकेंगे।

उन्होंने कहा,'यह मेरे लिये मैचों में जीत हासिल करने से ज्यादा बड़ी चुनौती होने वाली है, यह सब कप्तान की जिम्मेदारी है। मेरे लिये यह जरूरी है कि आप उन खिलाड़ियों को किस तरह से एप्रोच करते हैं जो कि बाहर बैठे हुए हैं और मैं कैसे उन सभी को अच्छी मानसिकता में रखा जा सकता है। जब उन्हें मौका मिले तो उन्हें यह साफ तरीके से पता हो कि हम उनसे क्या चाहते हैं और वो क्या हासिल कर सकते हैं। यह हमारे प्रदर्शन पर छाप छोड़ेगा फिर चाहे टीम मैच जीते या हारे।'

आप खिलाड़ियों को आते ही जीतने की बात नहीं कह सकते

आप खिलाड़ियों को आते ही जीतने की बात नहीं कह सकते

रोहित शर्मा ने आगे बात करते हुए कहा कि अगर टीम में कोई नया खिलाड़ी आता है तो आपको समझना होगा कि आप उनके आते ही यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वो मैदान पर पहुंचते ही आपको मैच जिताना शुरू कर देंगे।

उन्होंने कहा,'आप सीधे यह नहीं कह सकते कि आपको बस जीतना है। जब आप मैचों में जीत हासिल करते हैं तो आपको उसके साथ कई और चीजें करनी होती है, जिसमें बेंच स्ट्रेंथ बनाना, खिलाड़ियों को उनके रोल को लेकर क्लैयरिटी देना, एक अच्छा माहौल तैयार करना जिससे लोग अपना बेस्ट दे सकें और काम अच्छे से कर सकें। उन्हें बहुत ज्यादा दबाव महसूस न हो, जाहिर सी बात है जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं तो आप पर दबाव होता है लेकिन आप पर बाहरी दबाव नहीं होना चाहिये, आंतरिक दबाव काफी है।'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+