रिकी पोंटिंग ने कहा, डेविड वार्नर ने खो दिया उस टेस्ट विदाई का मौका जिसके वो हकदार थे
पोंटिंग दिल्ली कैपिटल्स में वार्नर के कोच भी होंगे लेकिन उनको लगता है इस बाए हाथ के बल्लेबाज का टेस्ट करियर लगभग खत्म हो चुका है। वार्नर चोटिल होकर मौजूदा सीरीज से बाहर हो गए थे।

रिकी पोंटिंग को लगता है कि डेविड वार्नर ने अपनी शर्तों पर टेस्ट क्रिकेट को विदा कहने का मौका गंवा दिया है क्योंकि उनकी हालिया रेड बॉल फॉर्म खराब रही है। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में वार्नर उन बड़े नामों में शामिल हैं जो जूझते हुए नजर आए। फिर उनको चोट भी लग गई जिसके बाद सीरीज से बाहर बैठना पड़ा। अब उनको उम्मीद है कि वे एशेज के लिए चुने जाएंगे लेकिन पंटर को ऐसा नहीं लगता है।
पोंटिंग को लगता है एशेज से पहले होने वाला वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियशिप फाइनल वार्नर के लिए टेस्ट करियर का अंतिम मुकाबला साबित हो सकता है। पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि ओपनर को अपना करियर सिडनी में 101वें टेस्ट के दौरान समाप्त कर देना चाहिए था लेकिन अब दुर्भाग्यशाली तरीके से टेस्ट करियर अंत होने की कगार पर पहुंच चुका है।
हालांकि पोंटिंग देखना चाहेंगे वार्नर की जिद क्या एक बार फिर उनकी वापसी कराती है या नहीं। वे एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो बहुत ही खराब दौर से हर बार उभरने में सफल रहे हैं। पोंटिंग दिल्ली कैपिटल्स में वार्नर के कोच भी होंगे। उन्होंने RSN से बात करते हुए कहा, अगर आप रन नहीं बनाएंगे तो दिक्कत होगी। ये हम सबके साथ हो चुका है, मेरे साथ हो चुका है। एक समय आता है जब आपकी एक निश्चित उम्र में पहुंच जाते हैं और ऐसा लगता है अब आपकी फॉर्म धीरे-धीरे ढलना शुरू हो चुकी है।
मेरे हिसाब से उन्हें सिडनी में संन्यास ले लेना चाहिए था। उन्होंने मेलबर्न में अपने 100वें टेस्ट मैच के लिए 200 रन बनाए, फिर सिडनी में अपना अगला मुकाबला खेले। वे इस तरह की विदाई के हकदार थे। लेकिन अब सबसे खराब क्या हो सकता है। आप विदेशी टूर के बीच में ड्रॉप हो जाए और आपका करियर समाप्त हो जाए। वैसे वो काफी जिद्दी किस्म के खिलाड़ी रहे हैं तो देखते है क्या होता है।"












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