भारत का 'बेन स्टोक्स' भी ODI से कहेगा अलविदा! रवि शास्त्री ने कहा- 2023 WC अंतिम हो सकता है
नई दिल्ली, 23 जुलाई: एक बार विराट कोहली ने कहा था कि भारत के हार्दिक पांड्या के पास वो सब करने की क्षमता मौजूद है जो इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स करते हैं। ये दो होनहार ऑलरांडरों की रेस थी जिसमें समय के साथ स्टोक्स बहुत आगे निकल गए और हार्दिक तमाम संभावनाएं जगाकर भी अपनी फिटनेस के कारण पिछड़ गए। उनके लौंडेपन वाले स्वभाव ने भी कोई फायदा नहीं दिया लेकिन जब यही स्वभाव उनके बेहतर खिलाड़ी बनने की जिद में शामिल हो गया तब वे अलग परिपक्व खिलाड़ी नजर आए।

भारत का 'बेन स्टोक्स'
आज हार्दिक पांड्या उतने ही क्षमतावान हैं जितने की बेन स्टोक्स। उनको हालांकि टेस्ट क्रिकेट में जगह कभी मिल पाएगी या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री को लगता है कि हार्दिक किसी एक फॉर्मेट को अलविदा कहने वाले हैं। जैसे बेन स्टोक्स ने वनडे को विदा दी है, ऐसे ही हार्दिक भी दे सकते हैं। शास्त्री को लगता है कि तेजतर्रार ऑलराउंडर 2023 एकदिवसीय विश्व कप के बाद 50 ओवर के प्रारूप को अलविदा कह सकते हैं।

ODI क्रिकेट के भविष्य के बारे में सवाल
एकदिवसीय क्रिकेट से बेन स्टोक्स के चौंकाने वाले संन्यास ने वनडे प्रारूप को सवालों के घेरे में ला दिया है। कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने T20I क्रिकेट के कारण ODI क्रिकेट के भविष्य के बारे में सवाल उठाए हैं। कुछ साल पहले, टेस्ट क्रिकेट भी वनडे की तरह मरने के लिए सुर्खियों में था, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं क्योंकि लोगों ने एक बार फिर लाल गेंद वाले क्रिकेट का आनंद लेना शुरू कर दिया है। वैसे भी टेस्ट के स्तर के क्रिकेट का विकल्प किसी और फॉर्मेट में नहीं मिलेगा। इसलिए उम्मीद है टेस्ट कभी नहीं खत्म होने वाला। हां यह केवल एलीट टीमों के बीच ही सीमित रह सकता है।

एकदिवसीय क्रिकेट ने अपना आकर्षण खोना शुरू कर दिया है
हालांकि, पिछले दो सालों से 2021 और 2022 टी20 विश्व कप आयोजनों के कारण सबका फोकस टी20 प्रारूप पर रहा है। एकदिवसीय क्रिकेट ने अपना आकर्षण खोना शुरू कर दिया है, लेकिन शास्त्री ने सुझाव दिया है कि अगर यह विश्व कप में टिका रहता है तो 50 ओवर के प्रारूप के जीवित रहने की संभावना है।

हार्दिक अपने विचार में बहुत स्पष्ट हैं
शास्त्री ने कमेंट्री के दौरान स्काई स्पोर्ट्स पर कहा, "50 ओवर का खेल तब भी जीवित रह सकता है जब आप सिर्फ विश्व कप पर ध्यान दें। आईसीसी को विश्व कप को सर्वोपरि महत्व दिया जाना चाहिए, चाहे टी20 विश्व कप हो या 50 ओवर का विश्व कप। टेस्ट क्रिकेट हमेशा बना रहेगा।"
शास्त्री ने कहा कि हार्दिक अपने विचार में बहुत स्पष्ट हैं कि वह टी20 क्रिकेट खेलना चाहते हैं और अन्य प्रारूपों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं।
"आपके पास खिलाड़ी पहले से ही चुन रहे हैं कि वे कौन से प्रारूप खेलना चाहते हैं। हार्दिक पांड्या को ही लीजिए। वह टी20 क्रिकेट खेलना चाहते हैं और उनके मन में बिल्कुल साफ है कि 'मैं और कुछ नहीं खेलना चाहता।'

अगले साल भारत में विश्व कप है
हालांकि, भारत के पूर्व कोच ने आगे कहा कि हार्दिक आगामी एकदिवसीय विश्व कप खेलेंगे, लेकिन उसके बाद प्रारूप से संन्यास ले सकते हैं।
"वह 50 ओवर का क्रिकेट खेलेंगे क्योंकि अगले साल भारत में विश्व कप है। उसके बाद आप उसे वहां से विदा करते भी देख सकते हैं। आप अन्य खिलाड़ियों के साथ भी ऐसा ही होते हुए देखेंगे, वे प्रारूप चुनना शुरू कर देंगे, उन्हें इसका पूरा अधिकार है।"












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