Ranji Trophy: 67 साल का सूखा खत्म! जम्मू-कश्मीर ने फाइनल में एंट्री कर रचा इतिहास, होगी करोड़ों की बरसात?
Ranji Trophy Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के इतिहास में 18 फरवरी 2026 की तारीख इतिहास में दर्ज हो गई है। घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में डेब्यू के 67 साल बा, जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली बार फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। बुधवार को बंगाल के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में जेकेसीए (JKCA) की टीम ने दो बार की चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट पक्का किया।
आकिब नबी का दमदार प्रदर्शन (Ranji Trophy Jammu Kashmir)
इस ऐतिहासिक जीत की नींव तेज गेंदबाज आकिब नबी ने रखी। आकिब ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए कुल 9 विकेट चटकाए, जिसने बंगाल के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। बंगाल की दूसरी पारी महज 99 रनों पर सिमट गई, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 126 रनों का मामूली लक्ष्य मिला।

वंशज शर्मा और अब्दुल समद ने दिलाई जीत
लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन की सुबह जम्मू-कश्मीर की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही। टीम ने 43 के स्कोर पर 2 विकेट से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन जल्द ही शुभम पुंडीर (27) और कप्तान पारस डोगरा (9) के विकेट खो दिए। एक समय स्कोर 4 विकेट पर 71 रन था और मैच फंसता हुआ नजर आ रहा था। ऐसे नाजुक मोड़ पर वंशज शर्मा (43)* और अब्दुल समद (30)* ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच हुई 55 रनों की अटूट साझेदारी ने 34.4 ओवरों में टीम को लक्ष्य के पार पहुंचा दिया।
जम्मू-कश्मीर ने पहली बार 1959-60 के सीजन में रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। दशकों तक इस टीम को एक 'अंडरडॉग' माना जाता रहा। 2013-14 के सीजन में नॉकआउट तक पहुंचकर टीम ने अपनी प्रतिभा की झलक दी थी, लेकिन फाइनल की दहलीज तक पहुँचने का सपना इस साल हकीकत बना।
जम्मू-कश्मीर पर होगी करोड़ों की बारिश
खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर का सामना घरेलू क्रिकेट की दिग्गज टीम कर्नाटक से होने की संभावना है। बीसीसीआई (BCCI) के नियमों के अनुसार, इस बार रणजी विजेता को 5 करोड़ रुपये और उपविजेता को 3 करोड़ रुपये की इनामी राशि दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर की टीम अब न केवल इनामी राशि, बल्कि अपने पहले ऐतिहासिक खिताब को जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।












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