'19वीं मंजिल की बालकनी,' जिंदगी खत्म कर लेना चाहते थे मोहम्मद शमी? दोस्त ने किया चौंकाने वाला खुलासा
मोहम्मद शमी ने आज क्रिकेट की दुनिया में जो नाम बनाया है उसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। शमी का सफर चुनौतियों से भरा रहा है। वह पिछले तीन वनडे वर्ल्ड कप में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनकी निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही है।
आत्महत्या के बारे में सोच रहे थे शमी?
दरअसल, शमी अपनी पत्नी हसीन जहां से अलग हो गए थे, क्योंकि उन्होंने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने शमी पर एक पाकिस्तानी महिला से पैसे लेकर मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। हालांकि शमी को अधिकारियों ने उन आरोपों से मुक्त कर दिया था, लेकिन उनके दोस्त उमेश कुमार ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर खुलासा किया कि उस दौरान शमी ने आत्महत्या करने के बारे में सोचा था।

शमी को इस आरोप के बाद लगा बड़ा झटका
उमेश ने पॉडकास्ट पर कहा कि, उस दौर में शमी हर चीज से लड़ रहे थे। वह मेरे साथ मेरे घर में रहते थे। लेकिन जब पाकिस्तान के साथ फिक्सिंग के आरोप सामने आए और उस रात जांच हुई, तो वह टूट गए। उन्होंने कहा कि मैं सब कुछ बर्दाश्त कर सकता हूं, लेकिन अपने देश के साथ विश्वासघात करने के आरोपों को बर्दाश्त नहीं कर सकता।'
जिंदगी को खत्म करना चाहते थे शमी
उन्होंने कहा कि, 'खबरों में यह भी आया कि वह उस रात कुछ बड़ा करना चाहता था [अपनी जान लेना]। सुबह करीब 4 बजे मैं पानी पीने के लिए उठा। मैं रसोई की ओर जा रहा था, तभी मैंने देखा कि वह बालकनी में खड़ा था। यह 19वीं मंजिल थी, जिस पर हम रह रहे थे। मुझे समझ में आ गया कि क्या हुआ था। मुझे लगता है कि शमी के करियर की वह रात सबसे लंबी थी।
शमी के जीवन में आया नया मोड़
उन्होंने आगे बताया कि, बाद में, एक दिन, जब हम बात कर रहे थे, तो उसे फोन पर एक संदेश मिला, जिसमें कहा गया था कि उसे मामले की जांच कर रही समिति से क्लीन चिट मिल गई है। वह शायद उस दिन जितना खुश था, उससे कहीं ज्यादा खुश वह विश्व कप जीतकर होता।' शमी ने अपने संघर्ष और उस दौरान अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में भी बताया।
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उन्होंने कहा कि, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस चीज़ को ज़्यादा प्राथमिकता देते हैं और फिर दूसरे व्यक्ति पर कि उसकी बातें कितनी सच हैं। इसलिए जब आपको पता हो कि दूसरे व्यक्ति की हरकतें अमान्य हैं और आपके लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं, तो आपको अपनी प्राथमिकताएं नहीं छोड़नी चाहिए। अगर मैं आज मोहम्मद शमी नहीं होता, तो कोई भी मेरी स्थिति की परवाह नहीं करता और न ही मीडिया को इसमें कोई दिलचस्पी होती। फिर मैं उस चीज़ को क्यों छोड़ूं जिसने मुझे शमी बनाया। इसलिए आपको लड़ते रहना चाहिए।'
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