'शुक्र है उसे दूसरी लाइफ मिली...', सड़क हादसे में शिकार युवक के लिए शमी बने देवदूत, जानिए कैसे और कहां?
Mohammed Shami Is real Hero: भारतीय स्टार मोहम्मद शमी जहां मैदान पर बल्लेबाजों की बखिया उधेड़ देते हैं, वहीं दूसरी ओर असल जिंदगी में वो बेहद ही सौम्य और लोगों के लिए सोचने वाले हैं। हालांकि उनकी पत्नी हसीन जहां तो उन पर तरह-तरह के आरोप लगाती रहती हैं लेकिन इसके इतर शमी जब भी मैदान के बाहर लोगों से मुखातिब होते हैं तो बेहद ही शांत-गंभीर नजर आते हैं, ना ही कभी उन्होंने किसी पर उग्र होकर प्रतिक्रिया दी है और ना ही वो विवादित मुद्दों पर जल्द ही रिएक्शन देते हैं।

लेकिन इस बार शमी ने जो किया है, उसे देखकर उनके फैंस ने उन्हें फरिश्ता कहना शुरू कर दिया है। दरअसल विश्वकप के बाद से शमी छुट्टियों पर हैं और इस वक्त उत्तराखंड में क्वालिटी टाइम व्यतीत कर रहे हैं।
सड़क हादसे में शिकार युवक के लिए शमी बने देवदूत
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्हें एक सड़क हादसे का शिकार एक युवक की मदद करते देखा जा सकता है। पीड़ित की कार सड़क किनारे हादसे की शिकार हो गई थी।
'वह बहुत लकी है कि भगवान ने उसे दूसरा जीवन दिया'
अपनी पोस्ट में शमी ने लिखा है कि "वह बहुत लकी है कि भगवान ने उसे दूसरा जीवन दिया। उसकी कार मेरी कार के ठीक सामने नैनीताल के पास पहाड़ी सड़क से नीचे गिर गई लेकिन हमने उसे बचा लिया, वो ठीक है।' इस वीडियो के सामने आने के बाद हर कोई शमी की तारीफ कर रहा है। उनके फैंस तो उन्हें फरिश्ता कहकर बुला रहे हैं तो कोई उन्हें देवदूत कह रहा है।
सोशल मीडिया पर शमी ही छाए
लोगों ने शमी को ऐसा इंसान कहा है जो कि इन और आउट दोनों तरह से अच्छा है। फिलहाल सोशल मीडिया पर शमी ही शमी छाए हुए हैं।
विश्वकप 2023 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज
आपको बता दें कि इस बार के विश्वकप में शमी ने कहर बरपा दिया और इस विश्वकप 2023 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने, उन्होंने विश्वकप के सात मैचों में टोटल 24 विकेट लिए। खास बात ये रही कि शमी के विश्वकप के शुरुआती मैचों में जगह नहीं मिली थी, लेकिन इसके बावजूद वो अनोखा रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रहे।
7 विकेट लेकर अनोखा इतिहास रचा था शमी ने
विश्वकप के सेमीफाइनल में उन्होंनें 7 विकेट लेकर अनोखा इतिहास रचा था लेकिन फाइनल में वो करिश्मा नहीं कर पाए थे। इंडिया विश्वकप का फाइनल 6 विकेट से हार गई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत मे मात्र 240 रन बनाए थे जिसे कंगारूओं की टीम ने आसानी से बना लिया था और इसी वजह से इंडिया का तीसरी बाप विश्नवविजेता बनने का सपना टूट गया। ऑस्ट्रेलिया ने छठी बार इस खिताब पर कब्जा किया है।












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