हाल में क्रिकेट छोड़ना चाहता थे ये तूफानी बॉलर, अब हासिल कर चुका है ऑस्ट्रेलिया का बड़ा अवॉर्ड
नई दिल्लीः ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क एक समय क्रिकेट को ही छोड़ने की कगार पर आ गए थे। स्टार्क अपनी क्षमता के हिसाब से बॉलिंग नहीं कर पा रहे और विकेट भी कम ही मिल रहे थे। इसके साथ वे रन भी लगातार दे रहे थे और सबसे अफसोस की बात यह थी उन्होंने कैंसर के चलते अपने पिता को खो दिया था।

स्टार्क ने भारत के लिए साल 2020-21 में एक खराब टेस्ट सीरीज खेली और उसके बाद पिता की भी मौत हो गई। लेकिन अब स्टार्क ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट का सबसे बड़ा सम्मान एलन बॉर्डर मेडल हासिल कर चुके हैं। foxsports.com.au से बात करते हुए स्टॉर्क कहते हैं कि पिछला साल मैदान के अंदर और बाहर मुश्किल रहा। मैं जिस तरह से खेलना चाहता था वैसा क्रिकेट नहीं खेल सका और एक स्टेज के बाद मुझे लग रहा था कि मैं क्रिकेट ही खेलना नहीं चाहता।
स्टार्क ने टी20 वर्ल्ड कप में भी खराब खेल दिखाया लेकिन उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हालिया एशेज में 19 विकेट लेकर वापसी की है जहां उनका औसत 25.37 रहा और कंगारू 4-0 से यह सीरीज जीत गए।
स्टार्क ने इस मेडल का हासिल करने के लिए साथी ऑलराउंडर मिशेल मार्श को पीछे छोड़ दिया। स्टार्क ने 12 महीने की अवधि के दौरान 43 विकेट लिए थे। जब से यह अवॉर्ड मिलने लगा है तब से स्टार्क इसको पाने वाले ऑस्ट्रेलिया के पांचवें पेसर हैं। इससे पहले पैट कमिंस, मिशेल जॉनसर, ब्रेट ली और ग्लेन मैक्ग्रा जैसे ऑस्ट्रेलिया के ऑल टाइम महान तेज गेंदबाज ये मेडल हासिल कर चुके हैं।
स्टार्क ने कहा है कि उनके लिए बस दोस्तों और परिवार की राय अहम है। उनकी पत्नी एलिसा हेली खुद क्रिकेटर है जो विकेट लेने के साथ ऊपरी क्रम पर आकर धुआंधार रन भी बनाती हैं। वे स्टार्क को सलाह देने में काफी अहम भूमिका निभाती हैं।












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