'बड़ा मुश्किल है ये कहना कि कप्तानी मेरे बस की बात नहीं', स्वान ने की जडेजा की तारीफ
नई दिल्ली, 6 मई: आईपीएल 2022 में जिस तरह से रवींद्र जडेजा ने कप्तानी से पल्ला झाड़ा है उसकी लोग आलोचना भी कर रहे हैं और तारीफ भी। सीजन के शुरू होने से पहले ही सीएसके ने अपने सीनियर ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को टीम की कप्तानी दी क्योंकि एमएस धोनी ने भूमिका से हटने का फैसला किया था। हालांकि, जडेजा की कमान में CSK का दल रंग में नहीं आया और यह ऑलराउंडर खुद व्यक्तिगत मोर्चे पर भी प्रदर्शन करने के लिए संघर्ष कर रहा था। बाद में, कप्तानी की बागडोर फिर से महान कप्तान धोनी को सौंपी गई।

कप्तानी छोड़ने को ग्रीम स्वान ने साहसी फैसला बताया है। जडेजा की बहादुरी को भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी समर्थन दिया। स्वान ने कहा कि ऑलराउंडर के लिए यह स्वीकार करना बहुत ईमानदारी का काम था कि कप्तानी उनके बूते की बात नहीं है और वह इसके साथ सहज नहीं हैं। पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर ने यह भी कहा कि कभी-कभी अहंकार लोगों को चीजों को आसानी से स्वीकार करने नहीं देता है लेकिन जडेजा ने ऐसा किया और यह सराहनीय है।

स्वान ने पुणे में आरसीबी बनाम सीएसके खेल के दौरान स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा था, "जडेजा के लिए यह स्वीकार करना इतनी बड़ी बात है कि 'देखो, कप्तानी मेरी लीग से बाहर है। मैं इसके साथ सहज नहीं हूं। मैन ईगो आपको इसे आराम से कहने की अनुमति नहीं देती। इसलिए, सच यही है कि उसने ऐसा किया है और एमएस को वापस आने की इजाजत दी है।"
शास्त्री ने भी स्वान की भावनाओं से इत्तेफाक जताया और सीएसके के हरफनमौला खिलाड़ी के रवैये के लिए सराहना की। पूर्व हेड कोच ने कहा कि जडेजा ने येलो आर्मी की कप्तानी छोड़ दी है इसलिए अब फैंस आने वाले दिनों में उनसे बेहतर क्रिकेटर की उम्मीद कर सकते हैं।
"उन्होंने (जडेजा) किसी भी स्तर पर कप्तानी नहीं की है। तो, यह अच्छा है। मुझे लगता है कि हम एक अलग क्रिकेटर देखेंगे। वह जो चाहता है वह कर सकता है, कप्तान होने की जिम्मेदारी खत्म हो गई है और अब जडेजा तीनों विभाग में पूरी ताकत से सामने आ सकते हैं।"
हालांकि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सीएसके अब प्लेऑफ की रेस से बहुत हद तक बाहर हो चुकी है क्योंकि उनको आरसीबी के खिलाफ उस मुकाबले में भी हार मिली जिसमें धोनी कप्तानी कर रहे थे।












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