Shoaib Akhtar की तरह खौफनाक गेंदबाजी, ये बिहारी पड़ेगा सब पे भारी, जानें मयंक यादव की कहानी
India squad for Bangladesh T20I series: बिहार के तेज गेंदबाज मयंक यादव को बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय टी-20 टीम में एंट्री मिल गई है। मयंक की गेंदबाजी में रफ़्तार को देखकर प्यार से उन्हें राजधानी एक्सप्रेस कहा जाता है। आने वाले समय में वह भारतीय टीम सबसे बड़े एक्स फैक्टर बनकर सामने आ सकते हैं। आईपीएल में अपने डेब्यू मैच में धमाकेदार प्रदर्शन कर मयंक ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचने का काम किया था।
मयंक यादव को मिली टीम में एंट्री
भारतीय क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ टी 20 सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है। 6 अक्टूबर से शुरू होने जा रही इस सीरीज में मयंक यादव गेंद से कहर बरपाते नजर आ सकते हैं। टीम का ऐलान करते समय चयन समिति ने 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की जिसमें युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव भी शामिल हैं। मयंक यादव की टीम में एंट्री के बाद से ही उन्हें लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म है।

शोएब अख्तर से हो रही मयंक यादव की तुलना
लगातार 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से गेंदबाजी कर मयंक यादव ने सभी को हैरान कर दिया था। मयंक यादव की तुलना अभी से पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज शोएब अख्तर से की जा रही है। चयनकर्ताओं को भरोसा है कि वह बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं।
मयंक के पिता भी बनना चाहते थे क्रिकेटर
मयंक के पिता प्रभु यादव ने कभी खुद क्रिकेटर बनने का सपना देखा था। लेकिन उनकी ये ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी। आर्थिक तंगी ने उन्हें सड़कों पर दर्शक बनकर रह जाने पर मजबूर कर दिया। आज वह गर्व के साथ अपने बेटे को क्रिकेट के मैदान पर खेलते हुए देखते हैं और अब लोगों से उन्हें वैसा प्यार मिल रहा हैं जो कभी उनका सपना था।
आईपीएल में छोड़ी थी अपनी छाप
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ मयंक यादव की गेंदबाजी निखरकर सामने आई थी। जहां उन्होंने 156.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आईपीएल 2024 सीज़न की सबसे तेज़ गेंद फेंककर खुद को ही पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि ने न केवल उनके पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि उन्हें टूर्नामेंट के टॉप तेज़ गेंदबाज़ों में भी शामिल कर दिया। सिर्फ़ दो मैचों में छह विकेट लेकर मयंक चर्चाओं में आ गए थे।
कौन हैं मयंक यादव
एक इंटरव्यू में प्रभु यादव ने अपने बेटे को लेकर कहा था कि सात साल की उम्र में ही मयंक ने पहली बार क्रिकेट का बल्ला थामा था। मैदान से लेकर क्रिकेट अकादमी में तक का उनका सफर कठिनाइयों से भरा हुआ है। प्रभु का क्रिकेट खेलने का सपना अब मयंक के ज़रिए साकार हो रहा है, यह सफ़र एक साधारण शुरुआत और खेल के प्रति प्यार से शुरू हुआ था।
बिहार से है गहरा नाता
मयंक यादव के पिता प्रभु यादव मूल रूप से बिहार के सुपौल ज़िले के रहने वाले हैं। मयंक यादव के दादा स्व हरिश्चंद्र यादव, सुपौल ज़िले के मरोना प्रखंड के मरौना साउथ पंचायत के रतहो गांव के निवासी थे। मयंक यादव के पिता प्रभु यादव दिल्ली में सायरन बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं।












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