भारत ने कर दिया था एशिया कप का बहिष्कार, क्यों लिया गया था यह फैसला, किस देश में था आयोजन
Asia Cup: एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला सबसे खास माना जाता है। आईसीसी के इवेंट्स में भी इन दोनों देशों के मैच का इंतजार सबसे ज्यादा रहता है। इस बार एशिया कप सितम्बर में यूएई में खेला जाएगा और भारतीय टीम द्वारा इसमें हिस्सा लेने का विरोध हो रहा है।
पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के बाद भारतीयों का काफी गुस्सा देखने को मिला है। एशिया कप में टीम इंडिया को बाहर रहने की डिमांड भी की जा रही है। सोशल मीडिया के ऊपर लोगों ने बीसीसीआई के ऊपर मोर्चा खोल रखा है।

फैन्स का मानना है कि देश को खेल से ऊपर रखते हुए पाकिस्तान का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाना चाहिए। ऐसा नीं है कि इससे पहले टीम इंडिया कभी एशिया कप से बाहर नहीं रही है। एक बार ऐसा मौका आया था, जब भारतीय टीम एशिया कप में नहीं खेली थी।
भारत ने कब छोड़ा था Asia Cup
भारत ने साल 1986 में एशिया कप नहीं खेला था। उस साल एशिया कप का आयोजन श्रीलंका में हुआ था, लेकिन भारत ने टूर्नामेंट का बहिष्कार किया था। इसके पीछे मुख्य कारण था भारत और श्रीलंका के बीच उस समय का बिगड़ा हुआ राजनयिक और क्रिकेट संबंध। भारत उस समय श्रीलंका के कुछ फैसलों से असंतुष्ट था और इसके चलते टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया। उस समय तमिल लोगों के खिलाफ श्रीलंका में अराजकता चल रही थी। इस वजह से भी सम्बन्ध ठीक नहीं थे।
टूर्नामेंट में खेली सिर्फ तीन टीमें
1986 के एशिया कप में भारत की गैरमौजूदगी का असर टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा पर पड़ा। उस संस्करण में सिर्फ तीन टीमें श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश ने हिस्सा लिया। पाकिस्तान ने उस टूर्नामेंट को जीतकर अपना पहला एशिया कप खिताब जीता। भारत ने इसके बाद हर एशिया कप में भाग लिया है और अब तक इस टूर्नामेंट का सबसे सफल देश भी है।
भारत ने अपने देश को ऊपर रखते हुए एशिया कप छोड़ दिया था, तो अब भी ऐसा करना कोई बड़ी बात नहीं होगी। फ़िलहाल बीसीसीआई ने मामले पर चुप्पी साध रखी है। 1990 में पाकिस्तान ने भी भारत के साथ तनाव के कारण एशिया कप छोड़ दिया था। लोगों को भारतीय बोर्ड से अब भी उम्मीदें हैं कि टीम इंडिया को नहीं भेजा जाएगा, आने वाले समय में स्थिति साफ़ होगी।












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