मोहाली में कपिल देव का जबरदस्त रिकॉर्ड खतरे में, तोड़ने के लिए उतरेंगे रविचंद्रन अश्विन
मोहाली, 2 मार्च: भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन रेड बॉल क्रिकेट में लंबे समय से भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन कैरम बॉल स्पेशलिस्ट है और 84 टेस्ट मैचों में अभी तक 24.38 के औसत के साथ 430 विकेट ले चुके हैं। रविचंद्रन अश्विन अब 4 मार्च से श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में खेलते हुए दिखाई देंगे। इस श्रृंखला का पहला मुकाबला मोहाली के पीसीए स्टेडियम में होगा जबकि दूसरा मुकाबला बेंगलुरु में डे नाइट टेस्ट मैच होगा। रविचंद्रन अश्विन इसके साथ ही एक बहुत बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने के काफी करीब आ चुके हैं।

भारत के महानतम ऑलराउंडर कपिल देव का रिकॉर्ड खतरे में-
अश्विन भारत के महानतम ऑलराउंडर कपिल देव के टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने के रिकॉर्ड को तोड़ने से महज 5 विकेट दूर ही खड़े हैं। कपिल देव ने 131 टेस्ट मैचों में 434 विकेट चटकाए थे और रविचंद्रन अश्विन भारत का दूसरा सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाला बॉलर बनने से केवल 5 कदम दूरी पर खड़े हैं।
इसके बाद वे केवल अनिल कुंबले से पीछे रह जाएंगे जिन्होंने अभी तक भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट हासिल किए हैं। अनिल कुंबले 10 विकेट हासिल कर चुके हैं। आर अश्विन को दुनिया का एक ऐसा बॉलर माना जाता है जो तेज दिमाग से चीजों को सोचता है।

अश्विन का सामना करना क्यों अब और मुश्किल हो गया है-
हाल ही में क्रिकबज को दिए एक इंटरव्यू में आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने कहा था कि अश्विन जैसे खिलाड़ी के सामने खेलने के लिए आपको अपने गेम का लेवल ऊपर उठाना पड़ता है क्योंकि अश्विन एक ऐसे गेंदबाज हैं जो क्रिकेट की विभिन्न पिचों पर खेल चुके हैं और अपने गेम को अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से ढाल डाल चुके हैं। वे जानते हैं कब किस एंगल से गेंद करनी है कब किस तरीके से क्रीज का इस्तेमाल करना है और कब अपनी विविधताओं का प्रयोग करना है।

कई मायनों में भारत के लिए अहम टेस्ट मैच-
बता दें भारत श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के साथ ही भारत अपने क्रिकेट का एक नया चैप्टर भी शुरू कर रहा है क्योंकि रोहित शर्मा को सफेद केंद्र क्रिकेट के बाद टेस्ट मैचों की भी कमान मिल चुकी है। यह पहली बार होगा जब वे इस फॉर्मेट में टीम इंडिया की अगुवाई करते हुए नजर आएंगे। इसके अलावा यह विराट कोहली का 100वां टेस्ट मैच भी होगा।
दूसरे, यहां बहुत लंबे समय बाद चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे दिग्गज टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि चयनकर्ताओं ने उनके नाम पर विचार ही नहीं किया है। इन दो दिग्गजों की जगह शुभमन गिल, अय्यर, हनुमा विहारी जैसे खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह का दावा मजबूत करने के बेहतरीन मौके बन चुके हैं।












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