वक्त अच्छा-बुरा होता है, एक खिलाड़ी क्या करे, हर्षल पटेल ने गेंदबाजी से दिए बड़े सवालों के जवाब
विशाखापत्तनम, 15 जून: भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापट्टनम में हुआ तीसरा T20 मुकाबला जीतकर अपना खाता खोल लिया है। टीम इंडिया ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 179 रन बनाए थे जिसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 19.1 ओवर में 131 रन बनाकर आउट हो गई। अफ्रीका को समेटने में हर्षल पटेल ने मुख्य भूमिका अदा की, जिन्होंने 3.1 ओवर में 25 रन देकर चार विकेट लिए।

मैन ऑफ द मैच नहीं बने, पर एक्स फैक्टर साबित हुए
हर्षल पटेल को उनके प्रदर्शन के कारण मैन ऑफ द मैच नहीं दिया गया क्योंकि ये चहल को मिला जिन्होंने सीरीज में अपनी वापसी करते हुए 20 रन देकर तीन विकेट लिए। पर ये पटेल की भी जबरदस्त वापसी है जो अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए मशहूर हैं और T20 क्रिकेट में काफी विविधता रखते हैं। भारत को उनसे एक्स फैक्टर की उम्मीद होती है और उन्होंने इस मुकाबले में खुद को साबित करके एक बार फिर अपनी काबिलियत का प्रदर्शन किया है। इससे पहले हर्षल पटेल को पिछले दो मुकाबलों में बहुत अच्छे से सफलता नहीं मिल पा रही थी लेकिन वह अपने प्लान पर टिके हुए थे।

लगातार सफलता हासिल करने के लिए कुछ नया नहीं करना होता
जब कोई खिलाड़ी खराब दौर से गुजरता है तब वह क्या करना चाहता है जिससे उसकी सफलता सुनिश्चित हो सके?
हर्षल पटेल ने इस मैच में बेहतरीन गेंदबाजी करके यह बता दिया है कि आपको लगातार सफलता हासिल करने के लिए कुछ नया नहीं करना होता है बल्कि अपनी बेसिक प्रक्रिया पर ही रहना होता है। जब आप खराब दौर से गुजर रहे हो तो खुद के साथ ईमानदार बने रहना होता है और वैसे ही अपना काम करना होता है जैसे आप अपने बेहतरीन दिनों में किया करते थे। इससे आपको खराब दौर में गेंदबाजी करने की प्रेरणा मिलती है और जब आपका अच्छा दौर आता है तो आप अपने आप में सुधार करने की ओर देखते हो।

मैं फिर से पुरानी बात बोलना चाहूंगा
हर्षल पटेल ने मैच जीतने के बाद कहा कि वे अच्छा महसूस कर रहे हैं क्योंकि यह उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण मैच था और भारत पिछले दो मुकाबले हार चुका था। उन्होंने कहा कि सीरीज को जिंदा रखने के लिए यह एक अहम मुकाबला था। मैं बहुत खुश हूं कि इस मैच में ऐसा कर पाया। जहां तक सफलता की बात है तो मैं फिर से पुरानी बात बोलना चाहूंगा कि आप अपनी प्रक्रिया को फॉलो करते रहिए, चाहे आप अच्छा कर रहे हो या फिर नहीं, लेकिन खुद के प्रति सच्चे बने रहिए; यह कुछ ऐसी चीजें हैं जो आपको बुरे समय में आगे लेकर जाती है, और जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप में सुधार करती है।

पिछली बार यॉर्कर फेंकी, इस बार हार्ड लेंथ
पटेल ने कहा कि टीम इंडिया के कुछ निश्चित प्लान होते हैं जिनको वह आजमाना चाहती है और आज उसने वह करके दिखा दिया। वे आगे कहते हैं कि एक गेंदबाजी ग्रुप के तौर पर हमारे कुछ लक्ष्य है और हम लगातार उन लक्ष्यों को हासिल करना चाहते हैं। बात परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की है। मैं पिछले दो मैचों में अच्छी यॉर्कर फेंक रहा था तो इस मैच में मैंने हार्ड लैंथ गेंदबाजी करने की कोशिश की। यह पिच इतनी अच्छी नहीं थी जितनी दिल्ली और कटक की थी। यह एक धीमी पिच थी और बाकी दोनों ग्राउंड जितनी तेजी इस बार देखने को नहीं मिली। हम एक खेल को एक समय में देख रहे हैं।












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