IND vs PAK: युवराज के पंजे में फंसा पाकिस्तान जब छटपटा रहा था
भारत-पाकिस्तान टी-20 मैच। पाकिस्तान युवराज सिंह के शक्तिशाली पंजे में फंस कर छटपटा रहा था। युवी 200 के स्ट्राइक रेट से खेल रहे थे।
स्पोर्ट्स डेस्क, 27 अगस्त: अहमदाबाद, 28 दिसम्बर 2012। भारत-पाकिस्तान टी-20 मैच। पाकिस्तान युवराज सिंह के शक्तिशाली पंजे में फंस कर छटपटा रहा था। युवी 200 के स्ट्राइक रेट से खेल रहे थे। पाकिस्तानी गेंदबाज समझ नहीं पा रहे थे कि गेंद कहां टप्पा खिलाएं। युवी का बल्ला दिवाली के पटाखे फोड़ रहा था। तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर चार ओवर में 44 रन लुटा चुके थे। उमर गुल की हालत भी खराब थी। उनके चार ओवर में 37 रन बन चुके थे। जिस सइद अजमल को रहस्यमयी स्पिनर कहा जाता था उनके भी चार ओवर में 42 उड़ चुके थे। शाहिद आफरीदी की ऐसी पिटाई हुई कि उन्होंने चार ओवर का कोटा भी नहीं पूरा किया। जब 3 ओवर में 33 रन बन गये तो उन्होंने डर से चौथा ओवर नहीं किया। भारत ने पाकिस्तान को खिलाफ कुल 9 टी-0 मैच खेले हैं जिनमें से 6 भारत ने जीते हैं। वैसे तो सबसे शानदार जीत 2007 के विश्वकप के फाइनल में मिली थी। लेकिन 2012 में मिली जीत भी कम रोमांचक नहीं है।

भारत ने की पहले बैटिंग
पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज ने टॉस जीत कर पहले फील्डिंग ली। गौतम गंभीर और अंजिक्य रहाणे ने भारत की पारी शुरू की। पहले विकेट की साझेदारी में 44 रन बने थे कि गंभीर 21 रनों पर आउट हो गये। ये 21 रन 11 गेंदों पर बने। रहाणे 28 और कोहली 27 रनों पर आउट हुए। भारत का स्कोर था 12 ओवर में 88 रन। तब युवराज सिंह मैदान पर उतरे। अब भारत को सिर्फ 8 ओवर खेलने थे।

सिक्सर किंग युवराज सिंह
इसके पहले रनों की रफ्तार प्रति ओवर करीब 7 रन ही थी। टी-20 के हिसाब से ये रनरेट मामूली था। तब युवराज सिंह पाकिस्तान को बताया कि क्यों उन्हें सिक्सर किंग कहा जाता है। उनकी कातिलाना बैटिंग के सामने पाकिस्तानी गेंदबाज पनाह मांगने लगे। युवराज ने आते ही हमला बोल दिया। इन्होंने आफरीदी के 13वें ओवर में एक छक्का और एक चौका लगाया। एक चौका धोनी ने मारा। इस ओवर में 17 रन बने।

युवराज सिंह की कातिलाना बैटिंग
युवराज ने फास्ट बॉलर सोहेल तनवीर और स्पिनर सइद अजमल को निशाने पर लिया। उन्होने तनवीर के 18 वें ओवर में दो छक्के ठोके। फिर 19वें ओवर में उन्होंने सइद अजमल को लगातार तीन छक्के मारे। अजमल के 15 वें ओवर में भी वे छक्का लगा चुके थे। 19 वें ओवर में कुल 22 रन बने। 20 वें ओवर की दूसरी गेंद पर युवराज आउट हुए लेकिन तब तक वे पाकिस्तानी खेमे में तबाही मचा चुके थे। उन्होंने 36 गेंदों पर 72 रन बनाये जिसमें 4 चौके और 7 छक्के शामिल थे। भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 192 रन बनाये। एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा हो चुका था।

धोनी से मिली तारीफ
युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के सुपर स्टार थे। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका जवाब नहीं था। 2007 के टी-20 विश्वकप में उन्होंने क्रिस ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगा कर उन्होंने तहलका मचा दिया था। इस मैच में उन्होंने सिर्फ 12 गेंदों पर अर्धशतक लगा कर विश्वकीर्तिमान बनाया था। 2011 में जब भारत ने एकदिवसीय विश्वकप जीता था तब वे मैन ऑफ द सीरीज चुने गये थे। इस मैच के बाद भी धोनी ने युवराज की जम कर तारीफ की थी।

भारतीय गेंदबाजों का कमाल
पाकिस्तान को जीत के लिए 193 रन बनाने थे। उसने भी सधी हुई शुरुआत की। नासीर जमशेद और अहमद शहजाद ने 9.5 ओवर में पहले विकेट के लिए 74 रन जोड़े। पाकिस्तान के 16.2 ओवर में 146 रन बने थे। कप्तान मोहम्मद हफीज तेज पारी खेल रहे थे। उन्होंने 26 गेंदों पर 55 बनाये थे कि अशोक डिंडा ने कैच आउट करा दिया। अब पाकिस्तान की सारी उम्मीदें आफरीदी पर टिकी थीं। जीत के लिए बाकी बचे 16 गेंदों पर 47 रन बनाने थे। आफरीदी के रहते ये काम कोई मुश्किल नहीं था। वे 5 गेंदों पर 11 रन बना चुके थे। इसमें एक छक्का और एक चौका था। लेकिन तभी भुवनेश्वर कुमार ने कमाल कर दिया। भुवी की गेंद पर आफरीदी रोहित शर्मा को कैच थमा कर चलते बने।

आखिरी दो ओवरों का रोमांच
19वां ओवर अशोक डिंडा ने फेंका जो बहुत असरदार। डिंडा ने इस ओवर में दो विकेट लिये और सिर्फ 6 रन दिये। डिंडा ने 17वां ओवर भी बहुत अच्छा डाला था। इस ओवर में उन्होंने 6 रन दिये और एक विकेट लिया था। आखिरी ओवर में जीत के लिए पाकिस्तान को 20 रन चाहिए थे। शोएब मलिक और उमरगुल क्रीज पर थे। शोएब भी छक्का लगाने में माहिर थे। पाकिस्तान ने उम्मीद नहीं छोड़ी थी। लेकिन आखिरी ओवर में अनुभवी इशांत शर्मा ने सटीक गेंदबाजी की। उन्होंने शोएब को बिल्कुल बांध कर रख दिया। इशांत ने सिर्फ 8 रन दिये और एक विकेट भी लिया। इस तरह भारत ने 11 रनों से यह मैच जीत लिया।












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