IND vs PAK: क्या है उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन का पूरा सच? दो कोहनी या चकिंग छिपाने का नया पैंतरा
IND vs PAK: उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन को लेकर जारी विवाद अब एक दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। भारत के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले से ठीक पहले तारिक का यह दावा कि उनके हाथ की बनावट सामान्य इंसानों से अलग है और उनके हाथ में दो कोहनियां (एल्बो) हैं, खेल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, यह बयान जितना अनोखा है, उतना ही संदेह के घेरे में भी है।
उस्मान तारिक का यह कहना कि उनकी शारीरिक बनावट कुदरती तौर पर अलग है, पहली नजर में एक रक्षात्मक बयान लगता है। आमतौर पर जब किसी गेंदबाज के एक्शन पर चकिंग का आरोप लगता है, तो वह इसे अपनी हाइपर-एक्सटेंशन या कुदरती बनावट का नाम देकर बचाने की कोशिश करता है। दो कोहनियां होने की बात वैज्ञानिक और तार्किक रूप से गले नहीं उतरती। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के दौरान भी जब उन पर सवाल उठे थे, तब भी उनके एक्शन में स्पष्ट रूप से थ्रो की झलक देखी गई थी।

फुल स्लीव शर्ट का रहस्य (IND vs PAK)
तारिक की गेंदबाजी से जुड़ा एक बड़ा संदेह उनकी ड्रेसिंग को लेकर भी है। वह हमेशा फुल स्लीव यानी पूरी बाजू की शर्ट पहनकर गेंदबाजी करते हैं। क्रिकेट के इतिहास में हमने देखा है कि जिन गेंदबाजों के एक्शन पर संदेह होता है, वे अक्सर अपनी कोहनी के मुड़ाव को छिपाने के लिए फुल स्लीव का सहारा लेते हैं। अगर तारिक का दावा सही है कि उनके हाथ में दो कोहनियां हैं, तो कायदे से उन्हें हाफ बाजू की शर्ट पहनकर इसे साबित करना चाहिए। पूरी बाजू की शर्ट पहनना इस बात की ओर इशारा करता है कि शायद वह अपनी कोहनी के अवैध झटके या थ्रो को दुनिया की नजरों से ओझल रखना चाहते हैं।
भारत के खिलाफ मैच और अंपायरों पर दबाव
भारत के साथ होने वाले हाई-वोल्टेज मैच से ठीक पहले इस तरह का बयान देना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। यह मुमकिन है कि तारिक और पाकिस्तानी खेमा यह जानता हो कि इस मैच में अंपायरों की पैनी नजर उनके एक्शन पर होगी। ऐसे में दो कोहनियों वाला बयान देकर उन्होंने पहले ही एक माहौल बनाने की कोशिश की है ताकि अगर अंपायर उन पर कोई कार्रवाई करें, तो वह इसे अपनी शारीरिक मजबूरी या कुदरती बनावट बताकर सहानुभूति हासिल कर सकें।
क्या यह केवल एक बहाना है? (IND vs PAK)
कुल मिलाकर देखा जाए तो उस्मान तारिक के तर्क कमजोर नजर आते हैं। अगर उनके पास वाकई कोई विशेष शारीरिक बनावट है, तो उन्हें बायोमैकेनिक्स टेस्ट और पारदर्शी तरीके से इसे दिखाना चाहिए। बार-बार थ्रो की शिकायत और ऊपर से पूरी बाजू के कपड़े पहनना उनके दावों को झूठा साबित करने के लिए काफी है। ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन होने के डर से वे इस तरह की अजीबोगरीब दलीलें दे रहे हैं ताकि उनके अवैध एक्शन को एक नजरअंदाज कर दिया जाए।












Click it and Unblock the Notifications