IND vs NZ: न्यूजीलैंड को इन कारणों से मिली हार, भारतीय टीम की जीत के ये थे टर्निंग पॉइंट्स
Turning Points India vs New Zealand Match: भारत ने न्यूजीलैंड को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में पराजित करते हुए पुराना हिसाब चुकता कर दिया। टीम इंडिया को साल 2019 में कीवी टीम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया ने अब 70 रनों से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।
न्यूजीलैंड की टीम एक समय मुकाबले में थी लेकिन बाद में मामला खराब होता चला गया। टीम इंडिया के लिए भी कुछ अहम फैक्टर रहे। कीवी टीम की हार के तीन कारणों के बारे में आप जान सकते हैं। वहीँ भारत की जीत में अहम टर्निंग पॉइंट्स के बारे में यहाँ बताया गया है।

न्यूजीलैंड की हार के कारण
गेंदबाजों की पिटाई: कीवी टीम के गेंदबाजों ने आज काफी रन लुटाये, इससे भारतीय टीम को बड़ा स्कोर करने का मौका मिल गया। कीवी गेंदबाज विकेट लेने के लिए भी तसरते रहे। तेज गेंदबाज खासे फ्लॉप रहे। इस वजह से उनको बड़ा लक्ष्य मिला, यह एक अहम कारण रहा।
ओपनरों का फ्लॉप शो: कीवी टीम को बड़ा लक्ष्य मिलने के बाद ओपनर बल्लेबाज एक अच्छी शुरुआत देने में नाकाम रहे। कॉनवे और रचिन रविन्द्र दोनों ओपने 13-13 रनों के निजी स्कोर पर आउट हो गए। इससे कीवी टीम को दबाव का सामना करना पड़ा।
मोहम्मद शमी का तूफान: मोहम्मद शमी ने कीवी टीम को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। शमी ने दोनों ओपनरों को आउट करने के बाद भी विकेट झटके। उनके 7 विकेटों ने न्यूजीलैंड को पूरी तरह तोड़ दिया। शमी ने 57 रन खर्च कर ये 7 विकेट झटके।
भारत की जीत के टर्निंग पॉइंट्स
ओपनरों की धमाकेदार भागीदारी: टॉस जीतने के बाद रोहित शर्मा और गिल ने बेहतरीन बैटिंग की। रोहित की भूमिका तेजी से खेलते हुए प्रहार करने की है। वह 29 गेंदों में 47 रन बनाकर आउट हो गए लेकिन टीम को ठोस शुरुआत मिली। बाकी बल्लेबाजों ने बाद में इसका लाभ उठाया।
कोहली-अय्यर की भागीदारी: गिल के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद श्रेयस अय्यर क्रीज पर आए थे। उन्होंने कोहली के साथ जमकर बैटिंग की। दोनों के बीच एक बड़ी शतकीय भागीदारी हुई। ये स्कोर को 300 के पार लेकर चले गए और शतक भी जड़े। यह अहम टर्निंग पॉइंट था।
शमी का दूसरा स्पेल: जब विलियमसन और डैरिल मिचेल बड़ी शतकीय भागीदारी कर कीवी टीम को लक्ष्य की तरफ लेकर जा रहे थे। उस समय रोहित शर्मा ने शमी को गेंद दी। शमी ने विलियमसन और लैथम को आउट कर कीवी टीम को दोहरा झटका दिया। इसके बाद वह नियमित अन्तराल पर विकेट लेते हुए 7 विकेट का रिकॉर्ड बनाकर टीम को जीत दिलाने में सफल रहे। विलियमसन और लैथम के विकेट नहीं मिलते तो शायद कीवी टीम फाइनल में जा सकती थी।












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