उमरान मलिक ने जताया हार्दिक पांड्या का शुक्रिया, आखिरी ओवर में कप्तान ने क्या कहा था
नई दिल्ली, 29 जून: भारत और आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज तेज गेंदबाज उमरान मलिक के लिए अच्छा डेब्यू साबित हुई जहां उनको सफलता तो अधिक नहीं मिली लेकिन सीखने और दबाव को सोखने के लिए जरूरी अनुभव का पहला सबक हासिल हो गया। पहले मैच में केवल एक ही ओवर करने वाले उमरान आयरलैंड में आईपीएल जितनी तूफानी स्पीड निकालने से बचते हुए दिखाई दिए। ये इंटरनेशनल क्रिकेट का दबाव था जिसने उनको लाइन लेंथ पर ज्यादा फोकस करने के लिए प्रेरित किया।

मलिक ने दूसरे टी20 के दौरान अंतिम ओवर फेंकने के बाद राहत महसूस की और भारत को डबलिन के द विलेज में जिताने में मदद की। मलिक को बचाव के लिए 17 रनों की जरूरत थी। तब इस तेज गेंदबाज ने एक नो बॉल फेंकी और अपनी पहली तीन गेंदों में दो चौके दिए और अंतिम तीन गेंदों पर केवल तीन रन दिए।
मलिक ने कहा जब रविवार को पहले टी20 मैच से पहले भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें भारत की कैप सौंपी तब वे भावुक हो गए थे।
मलिक ने बीसीसीआई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अपलोड किए गए एक वीडियो में कहा था, "मेरे लिए भारत के लिए खेलना एक सपना था और यह सच हो गया है। जब भुवी भाई ने मुझे कैप दी तो मैं लगभग आंसू बहा रहा था।"
उन्होंने कहा, "फाइनल में 17 रनों का सफलतापूर्वक बचाव करने और श्रृंखला जीतने के बाद अच्छा लगा।"
22 वर्षीय मलिक ने उन पर विश्वास दिखाने के लिए कप्तान हार्दिक पांड्या का भी आभार व्यक्त किया। पेसर ने यह भी खुलासा किया कि कैसे कप्तान खेल के संकट के दौर में उनका मार्गदर्शन करता रहा।
उन्होंने कहा, "मैंने शुरुआत में वाइड गेंदबाजी की। तब हार्दिक भाई ने मुझे नॉर्मल लेंथ से गेंदबाजी करने को कहा और वह नो बॉल बन गई। जब आयरलैंड को तीन गेंदों पर आठ रन चाहिए थे, तो हार्दिक भाई ने मुझसे कहा कि अगर मैं दो डॉट डाल सकता हूं, तो हम मैच जीत जाएंगे।
मलिक ने कहा, "मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए हार्दिक भाई का शुक्रिया और भगवान का शुक्रिया कि मैंने उन्हें निराश नहीं किया।"
हालांकि मलिक 4-0-42-1 के गेंदबाजी आंकड़ों के साथ समाप्त हुए लेकिन इस मैच में रनों का अंबार दोनों तरफ से देखने को मिला।












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