'हम भी एक ऐसे के साथ खेलते थे', कोहली का हाल देख सहवाग को याद आया एक ऐसा ही खिलाड़ी
लंदन, 14 जुलाई: भारतीय टीम लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में दूसरा वनडे मुकाबले खेलने उतर चुकी है जहां पर रोहित शर्मा ने विराट कोहली की वापसी की घोषणा की। जैसे ही रोहित ने कहा कि विराट कोहली भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में वापस आ चुके हैं। कोहली ने पहला वनडे मुकाबला चोट के चलते नहीं खेला था। उनकी ग्रोइन में तकलीफ थी लेकिन दूसरे वनडे से पहले वे अभ्यास में काफी अच्छे नजर आए। जिसके बाद हेड कोच राहुल द्रविड़ को विराट को खिलाने का ग्रीन सिग्नल मिला और अब बारी कोहली की है कि वे अपनी खराब फॉर्म से निजात पाएं।

विराट कोहली के पास चेज करने के लिए बढ़िया चुनौती
दूसरे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है लेकिन इस बार अंग्रेजों ने पिछले मुकाबले की गलतियों से सीखा है और आराम से पारी को आगे बढ़ा रहे हैं। बैजबॉल जैसा बेतुका प्रयास इस बार देखने को नहीं मिला।
जाहिर है विराट कोहली के पास चेज करने के लिए बढ़िया चुनौती हो सकती है। उन्होंने अक्सर चेज करते हुए रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाए हैं।

सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की
विराट कोहली के वापसी करने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने अपने विचार रखें हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की है कैसे एक खिलाड़ी से बहुत ज्यादा उम्मीदें बांध ली जाती हैं और उसकी खराब फॉर्म पर बात होती है।
सहवाग ने सोनी स्पोर्ट्स पर कहा, 'मुझे लगता है कि हर कोई उनसे शतक का इंतजार कर रहा है, जो लंबे समय से नहीं आया है। अगर आप उनके पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो वह हर 3-4 मैचों में शतक बनाते थे। पिछले कुछ समय से ऐसा नहीं हुआऔर शायद इसीलिए इसके बारे में इतनी चर्चा हो रही है।"

हम भी एक ऐसे खिलाड़ी के साथ खेलते थे
"हम भी एक ऐसे खिलाड़ी के साथ खेलते थे जिनका नाम सचिन तेंदुलकर था। अगर उन्होंने 3-4 पारियों में रन नहीं बनाए तो चर्चा ऐसी होती थी जहां ऐसा लगता था कि उन्होंने लंबे समय तक रन नहीं बनाए हैं। वह हर 3-4 पारियों में रन बनाते थे, वही विराट कोहली के साथ हो रहा है।"
ऐसा नहीं है कि कोहली ने रन नहीं बनाए हैं, लेकिन उनका औसत उनके ऊंचे मानकों से नीचे रहा है और उन्होंने नवंबर 2019 से शतक नहीं बनाया है, लेकिन वह कुछ रन बना रहे हैं, खासकर वनडे में।

बड़ा स्कोर बनाकर आलोचकों से छुटकारा पाना चाहेंगे
भारत के इस पूर्व कप्तान से ऐसी उम्मीद है कि पिछले कुछ वर्षों में उनका 36 का औसत 'खराब' माना जाता है।
कोहली इंग्लैंड के खिलाफ शेष दो एकदिवसीय मैचों में एक बड़ा स्कोर बनाकर आलोचकों से छुटकारा पाना चाहेंगे। एशिया कप से पहले ये दो एकदिवसीय मैच उनके आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होंगे क्योंकि वह वेस्टइंडीज दौरे के लिए एकदिवसीय और टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं।












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