'छींटाकशी और धक्का देने वाले' एंडरसन को जडेजा ने दिया जवाब, उभरकर आया 2014 का किस्सा

एजबेस्टन, 3 जुलाई: भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे एजबेस्टन टेस्ट मैच में टीम इंडिया इस वक्त ड्राइविंग सीट पर है क्योंकि उन्होंने 416 रन बनाने के बाद इंग्लैंड की दूसरी पारी में आधी टीम 100 रनों के अंदर ही समेट दी है। मैच बारिश से प्रभावित हुआ इससे पहले ऋषभ पंत के बल्ले से रनों की बौछार देखने को मिली जिसमें रवींद्र जडेजा ने उनका बखूबी साथ निभाया। रवींद्र जडेजा की बल्लेबाजी भले ही ऋषभ पंत की आतिशी के चलते थोड़ी दबकर रह गई हो लेकिन इस ऑलराउंडर ने जिस तरीके से क्रिकेट में अपनी वापसी की है वह बहुत सराहनीय है।

जेम्स एंडरसन के उस कमेंट को मिला माकूल जवाब

जेम्स एंडरसन के उस कमेंट को मिला माकूल जवाब

रवींद्र जडेजा चेन्नई सुपर किंग्स टीम में बतौर कप्तान असफल रहे थे, एक खिलाड़ी के तौर पर भी कुछ नहीं कर पाए और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आकर मुश्किल परिस्थितियों और नाजुक हालत में एक शतकीय पारी खेलना दिखाता है कि वह कितने बड़े स्तर के खिलाड़ी हैं। जडेजा ने विशुद्ध बल्लेबाज की तरह से खेलते हुए टेस्ट कैरियर में अपना चौथा शतक लगाया। इस दौरान जडेजा पंत के साथ छठे विकेट के लिए रिकॉर्ड 222 रनों की साझेदारी में भी शामिल रहे और शनिवार को खेली गई इस बेहतरीन पारी के बाद जडेजा ने जेम्स एंडरसन के उस कमेंट का भी माकूल जवाब दे दिया है जिसके तार 2014 के एक पुराने किस्से से भी जुड़े निकले।

जेम्स एंडरसन को 2014 के बाद इस बात का अहसास हुआ

जेम्स एंडरसन को 2014 के बाद इस बात का अहसास हुआ

दूसरे दिन की समाप्ति पर जेम्स एंडरसन ने कहा था कि पहले रविंद्र जडेजा नंबर आठ पर आ रहे थे, तब उनको पुच्छले बल्लेबाजों के साथ खेलने को मिलता था तो ऐसे में वे तेज बल्लेबाजी करके रन बटोरा करते थे लेकिन अब वे जब सात नंबर पर आ रहे हैं तो एक नियमित बल्लेबाज की तरह से बैटिंग कर सकते हैं। उन्होंने गेंदों को बहुत अच्छे तरीके से छोड़ा और हमारे लिए मुकाबले को मुश्किल बना दिया।

जब पोस्ट मैच कॉन्फ्रेंस में एंडरसन के इस कमेंट को लेकर जडेजा से बात हुई तो उन्होंने 2014 का किस्सा याद किया। जडेजा ने कहा, देखिए जब आप रन बनाते हैं तो तब हर कोई खुद को लेकर यही सोचता है कि वह एक नियमित बल्लेबाज ही है। लेकिन मैंने हमेशा क्रीज पर खुद को समय देने की कोशिश की है, साथ ही अपने जोड़ीदार के साथ जितना संभव हो सके उतना समय क्रीज पर बिताकर साझेदारी करने की कोशिश की है। यह अच्छी बात है जेम्स एंडरसन को 2014 के बाद इस बात का एहसास हुआ।

उस दौरान टीम इंडिया के मैनेजर सुनील देव हुआ करते थे

उस दौरान टीम इंडिया के मैनेजर सुनील देव हुआ करते थे

साल 2014 का दौरा विराट कोहली की खराब बल्लेबाजी के कारण याद किया जाता है। उसी सीरीज में जडेजा और एंडरसन के बीच में मौखिक विवाद भी हुआ था जो पहले टेस्ट मैच में शुरू हुआ और दूसरे मुकाबले में भी जारी रहा। तब दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुई यह अभी भी पूरी तरह से नहीं पता है। उस दौरान टीम इंडिया के मैनेजर सुनील देव हुआ करते थे और उन्होंने उस टेस्ट मैच के बाद एक शिकायत भी दर्ज कराई थी कहा था कि एंडरसन ने जडेजा को गालियां दी है और धक्केबाजी भी की है। उसके बाद एंडरसन को लेवल 3 के अपराध का दोषी माना गया था।

आप किसी को धक्का नहीं दे सकते

आप किसी को धक्का नहीं दे सकते

तब देव ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए कहा था कि, धोनी और प्रत्येक खिलाड़ी ने इस बात की शिकायत की कि एंडरसन ने जडेजा को शारीरिक तौर पर टच किया है और धक्का दिया है। यह गंभीर मामला है क्योंकि आप किसी को धक्का नहीं दे सकते तो इसीलिए मैंने मैच रैफरी को शिकायत दर्ज कराई थी।

जडेजा ने ऑफ स्टंप की लाइन पर फोकस किया

जडेजा ने ऑफ स्टंप की लाइन पर फोकस किया

इसी बीच जडेजा ने अपनी शतकीय पारी के बारे में बात की। वे कहते हैं, इंग्लैंड में आपको अपने शरीर के करीब से खेलना होता है। यहां गेंद स्विंग करती है इसलिए अगर आप कवरड्राइव देखते हैं तो इस बात के चांस होंगे कि गेंद बल्ले का किनारा चुपके से चली जाएगी। मेरा जोर इस बात पर था कि ऑफ स्टंप से बाहर की अधिकतर गेंदों को छोड़ते रहे। मैंने यही सोचा कि जो गेंद मेरे शरीर के पास होगी मैं उसी को खेलूंगा और उसी को सीधा हिट करूंगा। भाग्य की बात है कि जिन गेंदों पर मैंने रन बनाए वे मेरे एरिया में थी और मैंने उनको बाउंड्री में तब्दील किया। जब आप जानते हो कि आपका ऑफ स्टंप कहां है तब आप ऑफ स्टंप के बाहर की लाइन की गेंदों को छोड़ सकते हो।

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