बांग्लादेशी कप्तान के पास बयां करने के लिए शब्द नहीं, मिराज ने बताया कैसे मिली अविश्वसनीय जीत
तामीम इकबाल की जगह पर कप्तानी देख रहे लिटन दास ने सोचा नहीं होगा कि उनकी लीडरशिप में बांग्लादेश को उसके क्रिकेट इतिहास की इतनी बेहतरीन जीत नसीब होगी। इसके हीरो साबित हुए मेहदी हसन मिराज।

बांग्लादेश की टीम निश्चिच तौर पर भारत के खिलाफ मिली अविश्वसनीय जीत से खुश होगी। बांग्लदेशी कप्तान लिटन दास के लिए ये करियर की सबसे बड़ी जीत में एक के तौर पर समाप्त होगी। रविवार को ढाका के शेरे बंग्ला स्टेडियम में टाइगर्स की दहाड़ सुनाई दी। तामिम इकबाल की जगह पर कप्तानी की देखरेख कर कर रहे लिटन दास के पास जीत के लिए बयां करने वाले शब्द नहीं थे।
इस जीत के हीरो थे मेहदी हसन मिराज जिन्होंने 39 गेंदों पर 38 नाबाद रन बनाए और मुस्ताफिजुर के साथ अंतिम विकेट के लिए 51 रनों की मैच विजेता साझेदारी के नायक बने। भारत ने जो 187 रनों का टारगेट दिया था वह 136 रनों पर 9 विकेट गंवाकर भी हासिल कर लिया गया।
लिटन दास ने मैच के बाद कहा, बहुत खुश हूं। जब मैं ड्रेसिंग रूम में था तब वाकई में नर्वस था, लेकिन जिस तरह से फिज और मिराज ने बैटिंग की, मैंने इसको खूब इंजॉय किया। शुरू में गेंदबाजों ने वाकई में बढ़िया बॉलिंग की थी। जब मैं और शाकिब बैटिंग कर रहे थे तो लगा चेज आसान होगा। लेकिन हमारे आउट होने के बाद ये मुश्किल हो गया। मुझे औरों पर भरोसा था लेकिन इस भावना को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। मिराज को बधाईयां।
मिराज ने इस मैच में शिखर धवन का भी विकेट लिया था। उन्होंने कहा कि वे बांग्लादेश की अंतिम बैटिंग जोड़ी थी और ये यकीन करने की जरूरत थी कि चेज हो सकता है।
मिराज ने कहा, मैं वाकई में उत्साहित हूं। मुस्ताफिजुर और मैंने बस यही सोचा कि हमकों यकीन करने की जरूरत है। मैं बस उनको कहा कि शांत रहो और 20 गेंद खेल लो। मैंने गेंदबाजी को इंजॉय किया। सुबह के समय विकेट ट्रिकी था और गेंदबाजी में मजा आया। ये परफॉरमेंस मेरे लिए यादगार है।
भारत के कप्तान रोहित शर्मा हालांकि रिजल्ट से खुश नहीं होंगे लेकिन उन्होंने गेंदबाजों को क्रेडिट दिया है। भारत अब सीरीज में 0-1 से पीछे हो गया है।












Click it and Unblock the Notifications