टीम के 'क्रूर माहौल' की भेंट चढ़ गया ये बॉलर, ऑस्ट्रेलिया जाते ही लिए 5 विकेट, इंटरनेशनल क्रिकेट है निर्मम!
ऑस्ट्रेलिया ने अपने इस सीनियर स्पिनर को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में कोई मौका नहीं दिया जिसके बाद उनको वापस वतन भेज दिया गया और इस गेंदबाज ने जाते ही मार्श कप के फाइनल में 5 विकेट हासिल किए।

इंटरनेशनल क्रिकेट कितना निर्मम है ये कोई एश्टन एगर से पूछे जो ऑस्ट्रेलियाई लेफ्ट ऑर्म स्पिनर हैं और जब वे बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए भारत आए तो उनके मन में टेस्ट क्रिकेट की इस सबसे बड़ी प्रतिद्वंदता में एक में अपना पार्ट निभाने की दिली इच्छा थी लेकिन इस सीरीज में मिली रैंक टर्नर पिचों पर भी इस बॉलर को एक मौका नहीं मिला और आखिर में वे घरेलू क्रिकेट खेलने अपने वतन वापस लौट गए। उन्होंने वहां पर मार्श कप फाइनल मैच खेला और पांच विकेट लेने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को निर्मम बताया।

ऑस्ट्रेलिया के सीनियर स्पिनर एश्टन एगर
लेकिन वापस भेजे जाने के बाद स्पिनर एश्टन एगर के मन में कोई 'दुर्भावना' नहीं है क्योंकि वह जानते हैं कि टॉप लेवल इसी का नाम है। एगर की जगह पर भारत दौरे पर टेस्ट मैचों में अनकैप्ड ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी और बाएं हाथ के मैथ्यू कुह्नमैन को लिया गया। अब 29 वर्षीय एगर ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के हवाले से कहा, "मुझे लगा कि मैं उतनी अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहा जितनी मुझे करनी चाहिए थी। मेरे लिए यह क्लियर निर्देश है कि मैं इस पर काम करूं और सुधार करूं।"

यह एक क्रूर वातावरण है
एगर ने कहा कि टीम से भले ही वापस वतन भेज दिया गया हो लेकिन मैं किसी भी तरह की दुर्भावना महसूस नहीं करता। मुझे उस (ऑस्ट्रेलियाई) कैम्प में बहुत अच्छा समर्थन मिला है और उन्होंने मेरे साथ लगातार बातचीत बनाए रखी है, इसलिए सब ठीक लग रहा है। मैं अब दस साल से एक पेशेवर क्रिकेटर हूं, इसलिए जब मैंने शुरुआत की थी तो मैं उससे कहीं अधिक चीजों को सह सकता हूं। यह एक कठिन खेल है, यह एक क्रूर वातावरण है, और ऐसा ही होना चाहिए क्योंकि ये खेल का टॉप लेवल है।

वर्ल्ड कप पर पूरी तरह से फोकस कर रहे हैं
एगर ने पांच टेस्ट मैचों में नौ विकेट लिए हैं लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने 66 विकेट लिए हैं। उनको फिर से वनडे सीरीज के लिए भारत जाने का मौका मिलेगा क्योंकि मौजूदा टेस्ट सीरीज के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी जो इस साल होने वाले 50 ओवर के वर्ल्ड कप को देखते हुए काफी अहम है। एगर वर्ल्ड कप पर पूरी तरह से फोकस कर रहे हैं। उनका मानना है कि भारत के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में बढ़िया प्रदर्शन इस साल भारत में ही होने जा रहे वनडे वर्ल्ड कप में उनकी जगह को मजबूत करने का काम करेगा।
एगर इस सीरीज के बाद इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में खेलेंगे। वे टेस्ट क्रिकेट को भी आसानी से छोड़ने के लिए रेडी नहीं हैं। उनका कहना है कि तीनों फॉर्मेट में खेलने का मौका मिले तो वे सभी प्रारूपों में खेलना पसंद करेंगे। सिर्फ सफेद गेंद फॉर्मेट नहीं। जब भी मौका मिले वे उसका फायदा उठाना चाहते हैं।"
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