'अब मुझे इसकी आदत हो गई है...,' युजवेंद्र चहल का आखिर किस बात पर छलका दर्द?
World Cup 2023: टीम इंडिया ने आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 के लिए अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के साथ-साथ बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को अपनी 15 सदस्यीय टीम में चुना है। भारत के लिए बायलेटरल सीरीज का हिस्सा होने के बावजूद लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल पिछले तीन वर्षों में तीन बार विश्व कप टीम में शामिल होने में असफल रहे हैं।
हालांकि, वर्ल्ड कप 2023 में भारतीय टीम से बाहर किए जाने पर चहल ने पहली बार अपना रिएक्शन दिया है। चहल ने कहा कि उन्होंने इसे एक आदत बना लिया है और अब ऐसे फैसलों के आदी हो गए हैं। विजडन इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में युजवेंद्र चहल ने कहा कि वह निर्णय को समझते हैं, क्योंकि केवल 15 सदस्यों को चुना जा सकता है और बड़े टूर्नामेंट के लिए कोई अतिरिक्त खिलाड़ी नहीं ले जाया जा सकता है। युजवेंद्र चहल ने विश्व कप 2019 के बाद से किसी भी आईसीसी इवेंट में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व नहीं किया है।

'अब मुझे इसकी आदत हो गई है'
युजवेंद्र चहल ने अपने बाहर होने पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि, 'मैं समझता हूं कि केवल पंद्रह खिलाड़ी ही इसका हिस्सा हो सकते हैं क्योंकि यह विश्व कप है, जहां आप 17 या 18 खिलाड़ियों को नहीं ले जा सकते। मुझे थोड़ा बुरा लगता है, लेकिन जीवन में मेरा मकसद आगे बढ़ना है।' मुझे अब इसकी आदत हो गयी है। तीन विश्व कप हो चुके हैं।'
दरअसल, युजवेंद्र चहल को यूएई में खेले गए 2021 टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया गया था और फिर 2022 टी20 विश्व कप में शानदार आईपीएल सीजन होने के बावजूद उन्हें बाहर कर दिया गया था।
चहल की नजरें टेस्ट डेब्यू पर
सीमित ओवरों के फॉर्मेट से बाहर किए गए चहल अब लाल गेंद फॉर्मेट के साथ-साथ सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी अपना करियर बनाने पर काम कर रहे हैं। वह इस समय इंग्लैंड में हैं और हाल ही में समाप्त हुए काउंटी सत्र में केंट काउंटी में खेल रहे हैं। चहल ने कहा कि, 'मैं यहां (केंट) इसलिए खेलने आया हूं क्योंकि मैं किसी भी तरह कहीं न कहीं क्रिकेट खेलना चाहता हूं। मुझे यहां लाल गेंद से खेलने का मौका मिल रहा है और मैं गंभीरता से भारत के लिए लाल गेंद से खेलना चाहता हूं। इसलिए यह मेरे लिए एक अच्छा अनुभव था।'












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