वसीम अकरम ने चेन्नई टेस्ट को माना ख़ास, भारत में मिली मदद को भी किया याद
वसीम अकरम ने उस समय का किस्सा शेयर किया है जब उनकी पत्नी को बिना वीजा चेन्नई में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

Wasim Akram on getting support in India: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम ऐसे खिलाड़ी हैं जिनको खेल के बाद भी बेहद प्यार मिलता रहा है। भारत में भी उनके जमाने के फैन्स मौजूद हैं। आईपीएल में उन्होंने केकेआर के साथ बतौर कोच भी काम किया था। भारत में मिले सम्मान के बारे में वह कुछ मौकों पर जिक्र भी कर चुके हैं। इस बीच उन्होंने एक ऐसी घटना का जिक्र किया है, जो उनके जीवन में एक भूचाल की तरह आई थी। अकरम ने अपनी पहली पत्नी की बीमारी के दौरान हुई घटना का जिक्र किया है, इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने बिना वीजा के उनकी मदद की थी। अकरम ने चेन्नई टेस्ट में भारत के खिलाफ जीत को खास मैच बताया
चेन्नई टेस्ट मैच ख़ास है
स्पोर्टस्टार के साथ इंटरव्यू में अकरम ने भारत में खेले गए खास टेस्ट मैचों में चेन्नई टेस्ट का नाम लिया। अकरम ने कहा कि गर्मी के मौसम में पिच हमें सूट कर रही थी और हमें रिवर्स स्विंग पर भरोसा था। हमारे पास उस समय सक्लेन मुश्ताक के रूप में बेस्ट स्पिनर था। उनकी 'दूसरा' गेंद उस समय कोई नहीं समझ पा रहा था। हालांकि उन्होंने कहा कि मैच करीब आ गया था और वह सब तेंदुलकर के 136 रनों के कारण हुआ। हमने उनको आउट कर 17 रनों से मैच जीत लिया।
मैं रो रहा था और लोगों ने पहचान लिया
वसीम अकरम की पत्नी हुमा अकरम मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर की जंग लड़ रही थीं और पाकिस्तान में इलाज चल रहा था। अकरम ने उनको बेहतर चिकित्सा के लिए सिंगापुर लेकर जाने का निर्णय लिया। एयरलिफ्ट कर कर जब वे उनको ले जा रहे थे, तब चेन्नई में स्टॉप था। इसके बाद की कहानी अकरम ने बताई है। अकरम ने कहा कि चेन्नई में मेरी पत्नी अचेत हो गई थी। मैं रो रहा था और भारत का वीजा नहीं था। चेन्नई के लोगों ने मुझे पहचान लिया था। इसके बाद वहां के एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि वीजा की चिंता न करते हुए मैं पत्नी को अस्पताल लेकर जाऊं। वह दिन मैं कभी अपने जीवन में नहीं भूल सकता।
अकरम की पहली पत्नी डॉक्टर थीं
गौरतलब है कि वसीम अकरम की पत्नी हुमा अकरम खुद एक डॉक्टर थीं। उनको इलाज के लिए सिंगापुर लेकर जाते समय मेडिकल इमरजेंसी के चलते चेन्नई में भर्ती कराया गया था। इसके बाद वह कुछ दिन चेन्नई में भर्ती रहीं और वहीँ अंतिम सांस ली। भारत से फिर उनके शव को वापस पाकिस्तान भेजने की व्यवस्था की गई थी।
किताब में भी पत्नी का जिक्र किया है
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अकरम ने अपनी पहली पत्नी से मिले सपोर्ट का जिक्र अपनी किताब में किया था। उन्होंने कहा था कि मुझे नशे की जोरदार लत लग गई थी और मेरी पत्नी से इस खराब दौर से बाहर आने में मेरी मदद की। अकरम ने कहा कि मेरी आदत के बारे में हुमा को पता लग गया था, ऐसे समय में उन्होंने मुझे इस लत को छोड़ने के लिए मदद के लिए ऑफ़र दिया था। वह खुद बीमार थीं लेकिन उन्होंने मुझे सहारा दिया।












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