'दिल टूट गया था, ऐसा लगा हम मर गए', 2007 वर्ल्ड कप से बाहर होने पर क्या हुआ था? दिग्गज ने खोला राज
2007 ODI World Cup: साल 2007 का वर्ल्ड कप भारतीय क्रिकेट फैंस और खिलाड़ियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। इस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। 2003 में उपविजेता बनने वाली टीम इंडिया को कैरेबियाई धरती पर पहले ही दौर में बाहर होना पड़ा। ग्रुप बी में भारत को बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों से हार का सामना करना पड़ा। इन हारों ने करोड़ों भारतीय फैंस का दिल तोड़ दिया।
अब छलका इरफ़ान पठान का दर्द (2007 ODI World Cup)
पूर्व ऑलराउंडर इरफ़ान पठान ने उस समय के हालात को याद करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को ऐसा लगा जैसे वे 'मर गए हों'। उन्होंने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया कि हम दो दिन होटल में ही रहे। ऐसा लग रहा था कि सब खत्म हो गया। सब खिलाड़ी सदमे में थे। बहुत बुरा लग रहा था। इस हार के बाद पूरे देश में जबरदस्त गुस्सा था। लोगों ने टीम की जमकर आलोचना की।

टी-20 में रचा इतिहास
हालांकि इस निराशा के बाद भारत ने साल 2007 में ही इतिहास रच दिया। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप का पहला खिताब जीता। फाइनल में पाकिस्तान को हराकर भारत ने दिखा दिया कि यह टीम दबाव से निकलकर भी चैंपियन बन सकती है। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम में अधिकतर नए खिलाड़ी थे जो इस जीत के हीरो रहे।
अंपायर को लेकर किया खुलासा
इरफ़ान पठान ने इंटरव्यू में पूर्व अंपायर स्टीव बकनर पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बकनर बहुत खराब अंपायर थे और उन्होंने कई बार सचिन तेंदुलकर को गलत आउट दिया। इरफ़ान ने एक किस्सा बताते हुए कहा कि ईडन गार्डन्स में सचिन पाजी बैकफुट शॉट खेल रहे थे। गेंद बल्ले से दूर थी, लेकिन बकनर ने आउट दे दिया। पाजी बस मुस्कुराए और पवेलियन लौट गए। स्टीव बकनर ने 128 टेस्ट और 182 वनडे मैचों में अंपायरिंग की, लेकिन उनके कुछ फैसले आज भी विवादों में गिने जाते हैं।









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