BCCI Apex Council की बैठक में फैसला, डोमेस्टिक क्रिकेट में पैसों की बौछार, रणजी में लागू हो सकता है DRS
बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल की बैठक गुरुवार, 21 जुलाई को मुंबई में हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
नई दिल्ली, 22 जुलाई: बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल (शीर्ष परिषद) की बैठक गुरुवार, 21 जुलाई को मुंबई में हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बीसीसीआई रणजी ट्रॉफी समेत घरेलू टूर्नामेंटों की प्राइस मनी में वृद्धि करेगा। इसके अलावा रणजी ट्रॉफी विजेताओं को दो करोड़ रुपये का चेक दिया जाएगा। इस बैठक में 49 साल पुराने घरेलू टूर्नामेंट देवधर ट्रॉफी को हटाने का फैसला भी लिया गया है। आईपीएल मीडिया राइट्स की बिक्री से हुए 48,390 करोड़ रुपये के अप्रत्याशित लाभ के बाद घरेलू टूर्नामेंट की प्राइस मनी बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

घरेलू कैलेंडर में बदलाव
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि एपेक्स काउंसिल ने संशोधित पुरस्कार राशि पर फैसला लेने के लिए पदाधिकारियों को अधिकार देने का फैसला किया है। बीसीसीआई के घरेलू कैलेंडर में इस बार बदलाव हुआ है। बीसीसीआई ने देवधर ट्रॉफी को हटाने का फैसला लिया है। यह टूर्नामेंट पहली बार 1973-74 में आयोजित किया गया था। देवधर ट्रॉफी एक लिस्ट-ए टूर्नामेंट है। इसमें तीन टीमें- भारत ए, बी और सी हिस्सा शामिल हैं। बीसीसीआई के एक अधिाकरी ने बताया कि टूर्नामेंट को रद्द करने का कारण खचाखच भरा घरेलू कार्यक्रम है।

रणजी में डीआरएस लागू
बीसीसीआई इस सीजन में 1,773 घरेलू खेलों का आयोजन करने के लिए तैयार है, जिसमें आयु वर्ग के टूर्नामेंट शामिल हैं। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, 'हमें इस साल सितंबर से शुरू होने वाले घरेलू सत्र के दौरान इतने सारे मैच खेलने के लिए जगह नहीं मिली।' इसके अलावा एपेक्स काउंसिल की बैठक ने कई अन्य फैसले लिए गए। इनमें दिलीप ट्रॉफी जोनल प्रारूप में खेली जाएगी, रणजी ट्रॉफी में एलीट और प्लेट समूह होंगे और सभी रणजी ट्रॉफी खेलों के लिए डीआरएस लागू हो सकता है।

बैठक में हुआ ये फैसला
कोरोन के बाद गुरुवार को पहली बार बीसीसीआई की फिजिकिली बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने की। इस मीटिंग में सचिव जय शाह और कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने भी भाग लिया। इस बैठक में रणजी ट्रॉफी के लिए बीसीसीआई ने पूर्व-कोविड दिनों की तरह एलीट और प्लेट समूह को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। बत्तीस टीमों को 8-8 के 4 एलीट ग्रुप में बांटा जाएगा, जबकि छह टीमें प्लेट ग्रुप में होंगी। प्लेट ग्रुप फाइनल के विजेताओं को रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में जगह मिलेगी। एक निर्वासन प्रणाली भी लागू होगी।

गुणवत्ता में सुधार होगा
रणजी ट्रॉफी दिसंबर में शुरू होगी, सभी टीमें होम ग्राउंड और बाहर खेलेंगी। घरेलू सत्र के दौरान अन्य टूर्नामेंट ईरानी ट्रॉफी (शेष भारत बनाम रणजी ट्रॉफी विजेता), विजय हजारे ट्रॉफी (50 ओवर) और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (20 ओवर) होंगे। बीसीसीआई अधिकारियों के मुताबिक दलीप ट्रॉफी में जोनल प्रारूप में वापस जाने से टूर्नामेंट की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। दलीप ट्रॉफी में अपने मौजूदा प्रारूप में तीन टीमें शामिल हैं - इंडिया रेड, इंडिया ब्लू और इंडिया ग्रीन।

डीआरएस लागू होगा
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, शीर्ष परिषद ने रणजी ट्रॉफी खेल के अगले सत्र में डीआरएस (निर्णय समीक्षा प्रणाली) रखने पर चर्चा की। अंपायरों द्वारा कई गलतियों के परिणामस्वरूप बीसीसीआई रणजी ट्रॉफी में डीआरएस शुरू करने पर विचार कर रहा है। बीसीसीआई अगले सत्र के लिए डीआरएस प्रणाली को लागू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। अगर सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहा, तो बीसीसीआई के पास सभी लाइव मैचों के लिए एक डीआरएस प्रणाली होगी।












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