'दिमाग में धोनी, दिल में यकीन', हार्दिक ने 15वें ओवर के बाद तय किया, पाकिस्तान अब नहीं जीतेगा

दुबई, 30 अगस्त: भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की जिसके हीरो हार्दिक पांड्या साबित हुए। हार्दिक ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट चटकाए और फिर बल्लेबाजी में उससे भी बेहतरीन करते हुए 17 गेंदों पर नाबाद 33 रनों की पारी खेली थी जिसमें विजयी छक्का भी शामिल है। यह एक रोमांचक मुकाबला था जहां आखिरी 4 गेंदों पर 6 रनों की दरकार थी और हार्दिक ने मोहम्मद नवाज की गेंद को कवर के जरिये उड़ाना चाहा लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इस दौरान भारतीय टीम के डगऑउट के साथ लाखों फैंस अपने दिल की धड़कन थामकर ये मुकाबला देख रहे थे।

यह महेंद्र सिंह धोनी स्टाइल की रणनीति थी

यह महेंद्र सिंह धोनी स्टाइल की रणनीति थी

लेकिन हार्दिक बहुत शांति थे और उन्होंने दिनेश कार्तिक की तरफ 'मैं हूं ना' स्टाइल में हाव भाव दिए। फिर अगली ही गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर एक छक्का लगाया और भारत को यह थ्रिलर मुकाबला जिताकर दिखा दिया।

भारत के इस परफेक्ट चेज में हार्दिक पांड्या वैसे ही हीरो साबित हुए जैसे कभी महेंद्र सिंह धोनी होते थे। यह महेंद्र सिंह धोनी स्टाइल की रणनीति थी जिसमें गेंदबाजी और हालातों का आकलन करके हुए अपने खेल को गहराई तक लिया जाए और पाकिस्तान से गलती कराने की कोशिश की जाए। हमने दुबई में हुए मुकाबले में रविवार को अंत में यही देखा और हार्दिक ने खुलासा किया कि कैसे उन्होंने अपने अंदर महेंद्र सिंह धोनी को फॉलो किया था।

हार्दिक ने 15वें ओवर के बाद तय किया

हार्दिक ने 15वें ओवर के बाद तय किया

मैच के बाद संजय बांगर और गौतम गंभीर से बात करते हुए चार चौके व एक मैच विजेता छक्का लगाने वाले हार्दिक पांड्या ने खुलासा किया उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को ऐसी सिचुएशन में जाते हुए कई बार देखा है और वह केवल धोनी की तरह करने की कोशिश कर रहे थे।

हार्दिक पांड्या ने आगे भी बताया कि उनके लिए रनों का पीछे सही मायनों में 15वें ओवर के बाद शुरू हुआ।

ओवर रेट के बारे में भी जानकारी रखते थे

ओवर रेट के बारे में भी जानकारी रखते थे

हार्दिक पांड्या कहते हैं कि, वे जानते थे कि पाकिस्तान के पास एक स्पिनर बाकी है व नसीम और हैरिस जैसे गेंदबाज भी बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि वह ओवर रेट के बारे में भी जानकारी रखते थे। आईसीसी के इस नए नियम के चलते पाकिस्तान के पास 17, 18वें ओवर में सर्कल के अंदर एक अतिरिक्त फील्डर रखने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। भारत ने इसका पूरा फायदा उठाया और 4 चौके व एक छक्का लगाया। देखा जाए तो यहीं पर पिछले नुकसान की भरपाई हो चुके थी।

अब हार्दिक के फैसले लेने का फंडा बदल चुका है

अब हार्दिक के फैसले लेने का फंडा बदल चुका है

हार्दिक कहते हैं कि, मैं कोशिश करता हूं कि चीजों को जितना सिंपल रख सकता हूं, उतना ही रखूं। निश्चित तौर पर मैं माही भाई के साथ खेला हूं और मैंने उनको देखा है। मैंने ज्यादा सवाल नहीं किया लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मैं मानता हूं कि महेंद्र सिंह धोनी के साथ साथ बाकी उन खिलाड़ियों से भी सीख सकता हूं जिनके साथ मैं खेला हूं। मुझे लगता है कि अगर लाइफ में कोई फैसला लेना हो तो उसको आप शांति से और परिस्थितियों का आकलन करने से बेहतर तरीके से ले सकते हो।

गंभीर, बांगर के साथ बातचीत का वीडियो देखें

"बैटिंग में यही करने की कोशिश करता हूं कि मेरे पास क्या ऑप्शन हैं। ये गेम मेरे लिए वास्तव में 15 ओवर के बाद शुरू हुआ था। मुझे पता था डेथ बॉलर आज अपना डेब्यू करने जा रहा है। मुझे पता था कि मैदान पर चीजों को करने में थोड़ा ऊपर-नीचे होगा। तो अगर यहां पर डॉट बॉल भी हुए तो भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि एक लेफ्ट ऑर्म स्पिनर है और उन लोगों का ओवर रेट भी कम था। तो ये सब चीजें आकलन करने के बाद सोचा कि आखिर तक रहें और बेहतर विकल्पों को चुना।"

आप यहां पर खुद सुन सकते हैं कि हार्दिक के उस चेज के दौरान अपने दिमाग में क्या-क्या रख रहे थे। हार्दिक के ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को पाकिस्तान पर 5 विकेट से जीत दर्ज कराने में सबसे अहम भूमिका अदा की।

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