IND vs PAK: 'पहले मेरा भाई लौटाओ', भारत बनाम पाकिस्तान मैच से पहले एक भाई की पीड़ा सुनकर कांप उठेगी रूह
India Vs Pakistan: आज जब दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान का महामुकाबला होने वाला है, तो क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह है। लेकिन इस उत्साह के बीच कुछ ऐसी आवाज सामने आई हैं जिसने पूरे देश का दिल दहला दिया है। इसी साल हुए पहलगाम आतंकी हमले में अपने पिता और 16 साल के भाई को खो चुके सावन परमार ने भारत-पाक मैच के खिलाफ खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया है।
सावन परमार ने मीडिया के सामने अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि, 'जब हमें पता चला कि भारत-पाकिस्तान का मैच हो रहा है, तो हम बहुत परेशान हो गए। पाकिस्तान से किसी भी तरह का रिश्ता नहीं रखना चाहिए।'

'मुझे मेरा 16 साल का भाई लौटा दो'
अपने भाई की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने दिल दहला देने वाला बयान दिया, 'अगर आप मैच खेलना चाहते हैं तो मुझे मेरा 16 साल का भाई लौटा दो।' उनका यह बयान सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि समाज के एक बड़े हिस्से की भावनाओं को दर्शाता है, जो मानते हैं कि आतंकवाद के आगे खेल का महत्व कुछ भी नहीं है।
BCCI का क्या है रुख?
जहां एक तरफ जनता में गुस्सा है, वहीं क्रिकेट बोर्ड ने मैच को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने भारतीय टीम का समर्थन करते हुए कहा कि द्विपक्षीय सीरीज पर भारत का रुख पहले की तरह ही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सलाह के अनुसार, भारतीय टीम को आईसीसी और एसीसी जैसी मल्टी नेशन इवेंट में खेलना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और पाकिस्तान ने 2012-13 के बाद से कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है, और उनकी भिड़ंत केवल बड़े टूर्नामेंट तक ही सीमित है।
सिर्फ खेल नहीं, भावनाओं का भी मुकाबला
जहां दुबई का मैदान एक बार फिर क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता का गवाह बनने के लिए तैयार है, वहीं यह मैच सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा है। यह मैच देश की भावनाओं, बलिदानों और कड़वी राजनीतिक वास्तविकताओं का भी प्रतिनिधित्व करता है। खिलाड़ियों पर मैदान में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होगा, लेकिन इस बार जनता की उम्मीदें सिर्फ जीत तक सीमित नहीं हैं।












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