पारी घोषित करने के बाद जब कप्तानों को मिली हार, 1 साल में ही बेन स्टोक्स ने कर दिया 'टॉप'
Ashes 2023: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स (Ben Stokes) अपने कार्यकाल में ब्रैंडन मैकुलम की कोचिंग में काफी नई चीजें ट्राई कर रहे हैं। इंग्लैंड ने इन दोनों शख्सियत के अंडर में जो भी कुछ किया है उसको लोकप्रिय और प्रचलित तौर पर बैजबॉल (BazBall) कहा जाता है।
यह टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाने की कवायद है और किसी भी तरह से मैच में नतीजा निकालने की भी पुरजोर कोशिश है। बैजबॉल में कई बार पलटवार का भी जोखिम है, लेकिन आमतौर पर क्रिकेट के दिग्गजों ने इसकी सराहना की है, क्योंकि इसने ना केवल खेल के सबसे लंबे प्रारूप को रोमांचक बनाया है, बल्कि 5 दिन से पहले भी नतीजे निकलने लगे हैं।

'असंभव' को संभव करने की कोशिश-
इंग्लैंड बेन स्टोक्स की कप्तानी में असंभव चीजों को संभव करने की कोशिश करता नजर आया है, जिसकी सराहना की जानी चाहिए, लेकिन साथ ही विपक्षी टीमों द्वारा इसका मखौल भी उड़ाया जाता रहा है, खासकर आस्ट्रेलियाई की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आती है।
इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने बेन स्टोक्स की कप्तानी में जब एशेज 2023 का पहला टेस्ट मैच खेला था, तो स्टोक्स ने पहली पारी को हैरानी भरे तरीके से घोषित कर दिया। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने 78 ओवर में 393 रन बनाए थे और जो रूट , ओली पोप के साथ अच्छी साझेदारी करते हुए मैदान पर टिके हुए थे, लेकिन स्टोक्स ने 8 विकेट के नुकसान पर 393 रन के स्कोर पर अपनी पारी को क्लियर कर दिया था।
जाहिर है, यह नतीजा बैकफायर करके इंग्लैंड की हार के मुख्य कारणों में एक बना है। बैजबॉल वो अप्रोच है, जहां आप 5 या 6 रन प्रति ओवर के रेट के बीच बल्लेबाजी करते हैं, और इंग्लैंड ने 78 ओवर में 393 रन बनाकर इसको साबित भी किया।
किसी भी हाल में चाहिए नतीजा-
इस पारी घोषणा के बाद अंग्रेजों को ऑस्ट्रेलिया को सस्ते में समेटने के बाद दूसरी पारी में भी तेजी से रन बनाकर बढ़ने लेने की अपेक्षा की थी, लेकिन दूसरी बार वे केवल 273 रन बन पाए और ऑस्ट्रेलिया 2 विकेट से मैच को रोमांचक ढंग से जीतने में कामयाब रहा।
स्टोक्स किसी भी हाल में रिजल्ट चाहते हैं और एशेज 2023 के पहले टेस्ट में नतीजा उनके पक्ष में आता-आता कंगारूओं के पास चल गया था। स्टोक्स ने वर्ल्ड चैंपियनशिप 2021-23 के दौरान नौ मैचों में कप्तानी की, जिसमें आठ मुकाबले जीते और केवल एक ही हार मिली।
1 साल में ही विरले कप्तान बन गए स्टोक्स-
हालांकि नई WTC की शुरुआत अच्छी नहीं हुई, पर स्टोक्स से उम्मीद है कि वे आगे वापसी करेंगे, क्योंकि उन्होंने 2020 से 2023 के दौरान इंग्लैंड की 18 मैचों में कप्तानी की है और 14 जीतने में कामयाबी भी दर्ज की है। लेकिन, बेन स्टोक्स के साथ एक दिलचस्प फैक्ट भी जुड़ गया है जो आने वाले समय में और ज्यादा बढ़ सकता है।
स्टोक्स को इंग्लैंड के नियमित टेस्ट कप्तान के पर 2022 अप्रैल में नियुक्ति मिली थी, और वे तब से लेकर अब तक अपने छोटे से कार्यकाल के दौरान टेस्ट इतिहास के उन कप्तानों में आ गए हैं, जिन्होंने पारी की घोषणा के बावजूद सबसे ज्यादा मैच हारे हैं।
बिशन सिंह बेदी भी ऐसा कर चुके हैं, पर हालात अलग थे-
यहां पर भारत के बिशन सिंह बेदी का भी नाम आता है, जिन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी 15 टेस्ट मैचों में की थी और 1976 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय पारी की घोषणा के बावजूद हार झेली थी। लेकिन, वह वेस्टइंडीज की तगड़ी गेंदबाजी थी जिसके सामने बेदी अपने बॉलर के शरीर को तुड़वाना नहीं चाहते थे। अगले साल 1977 में भी आस्ट्रेलिया के खिलाफ बेदी ने ऐसा ही किया और भारतीय टीम हारी।
इससे भी पहले इंग्लैंड के एक कप्तान हुआ करते थे जिनका नाम था फ्रेडी ब्राउन, जिन्होंने 22 टेस्ट मैच में कप्तानी की और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1950 में पारी घोषित करने के बावजूद हार खाई। फिर अगले साल 1951 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पारी घोषित करने के बावजूद हारे।
स्टोक्स इन बाकी कप्तानों से अलग कैसे हैं-
ऐसे में बेन स्टोक्स अलग ही उभर कर सामने आते हैं जिन्होंने 2023 में ही 2 बार पारी को घोषित करने के दौरान हार का सामना किया। स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2023 में ऐसा किया था और अब एजबेस्टन के फेमस एशेज टेस्ट में ऐसा हो चुका है।
सवाल ये है, क्या बेन स्टोक्स को टेस्ट मैच को रोमांचक बनाने की कवायद सिर्फ इसलिए छोड़ देनी चाहिए कि इसमें हार का खतरा भी है? तो उसका जवाब है- बिल्कुल नहीं, क्योंकि इंग्लैंड क्रिकेट टीम तय कर चुकी है कि वह अपने उस गेम को बैक करेगी, जिसने उन्हें पिछले 1 साल में अविश्वसनीय नतीजे दिए हैं और आप दर्शकों को बाकी बचे चार टेस्ट मैचों में भी रोमांचक क्रिकेट देखने के लिए मिलेगा।












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