सिद्धार्थनगर में स्कूलों में सरकारी किताबें बांटने की बजाय कबाड़ में बेची गईं, बीईओ गिरफ्तार
Siddharthnagar Government books: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सिद्धार्थनगर जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त में बांटी जाने वाली किताबें कबाड़ में बेच दी गईं।
किताब बेचने के आरोप में शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस मामले में पुलिस पहले ही चार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। डेढ़ महीने पहले किताबें कबाड़ी की दुकान पर मिली थीं।

दरअसल, सिद्धार्थनगर जनपद बांसी के ब्लाक अंतर्गत बीते 15 अक्टूबर को सरकारी स्कूल में निशुल्क वितरण के लिए आने वाली किताबों को कबाड़ में बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान पुलिस ने एक पिकअप किताबें पकड़ी थीं।
मामले में शास्त्रीनगर वार्ड निवासी कबाड़ का काम करने वाले अंकित कसेरा व प्रतीक कसेरा उर्फ गोपाल और खंड शिक्षा अधिकारी बांसी कार्यालय सहायक शहाबुद्दीन पुत्र मो इस्लाम निवासी नेउरी थाना मिश्रौलिया इसके अलावा अनुचर रामजस निवासी प्रतापनगर कस्बा बांसी को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार किए जाने के बाद उन लोगों से पूछताछ की गई तो पूछताछ में पता चला कि सरकारी किताबों को बेचने के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी भी शामिल हैं। उसके बाद उन लोगों को जेल भेजने के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी जांच शुरू हुई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश सिंह पुलिस की पकड़ से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गए थे। पुलिस द्वारा काफी समय से खोज दिन की जा रही थी। इसी बीच शुक्रवार को पुलिस में खंड शिक्षा अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा खाने शिक्षा अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी की गिरफ्तारी की जानकारी उनको नहीं है।












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