अजय पाठक मर्डर केस: 10 लाख का सोना पहनने वाला किसी के 60 हजार क्यों हड़पेगा, परिजनों ने उठाए सवाल
शामली। 31 दिसंबर को पाठक परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु सैनी को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन परिजनों के सवालों का पुलिस कोई जवाब नहीं दे रही। दरअसल, 2 जनवरी को अजय पाठक के 10 साल के बेटे भागवत का शव सड़क पर रखकर परिजनों ने पुलिस द्वारा किए गए हत्याकांड के खुलासे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'क्या दस लाख का हर समय सोना पहनने वाला किसी के 60 हजार रुपए हड़पेगा? उन्होंने हत्याकांड के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई है और सीबीआई से जांच कराने की मांग की।

60 हजार रुपए बताई थी हत्या की मुख्य वजह
पाठक परिवार के चार सदस्यों की हत्या का खुलासा करते हुए एसपी विनीत जायसवाल भजन गायक अजय पाठक के शिष्य हिमांशु सैनी को हरियाणा पुलिस की मदद से पानीपत से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्यारोपी के पास से आला कत्ल और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए थे। इस दौरान हत्यारोपित के बयान के आधार पर हत्या की वजह अजय के 60 हजार रुपए दबाने व आरोपित की पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना बताया गया था। खुद हिमांशु ने भी मीडिया से रूबरू होते हुए यही बयान दिए।

लोगों में दिखाई दिया आक्रोश
हत्याकांड का राजफाश होने व वजह का पता चलते ही पाठक परिवार में आक्रोश दिखाई दिया। इसके बाद भी बुधवार को उन्होंने अजय पाठक, स्नेहलता व वसुंधरा का शांति से अंतिम क्रियाक्रम कर दिया। बुधवार से ही पाठक फैमिली, उनके करीबी व शहर के लोग राजफाश को लेकर सवाल उठाते रहे। सुबह अखबारों में छपी खबरों और सोशल साइट पर हिमांशु के बयानों की वीडियो वायरल हुई तो लोग राजफाश को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं करते रहे। उधर, भागवत का शव आने पर जब उनके मामा व अन्य परिजनों ने पाठक फैमिली से नाराजगी जताई। राजफाश की वजह व शक को लेकर उपजा यह आक्रोश भागवत की अंतिम यात्रा के दौरान सामने आया।

हिमांशु क्या अकेले चार लोगों तलवार-चाकू से काट सकता है?
गुरुद्वारा चौक पर शव रखकर धरना दे रहे परिजनों के साथ वह लोग भी खड़े हो गए जिनका दर्द व सवाल दिल में थे। इस दौरान पुलिस को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। परिजनों ने पुलिस से पूछा कि एक व्यक्ति चार लोगों को कैसे मार सकता है। अजय तो खुद शरीर से काफी मजबूत थे। अजय खुद अपने मित्र परिचितों और मंडली वालों की अर्थिक मदद करते थे, हिमांशु के 60 हजार क्यों रखेंगे। हिमांशु के उल्टे सीधे बयानों से उनके परिवार की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची है। इस दौरान परिजनों ने पुलिस के राजफाश को ही फर्जी करार दे दिया। वहीं, गम, दुख के माहौल में उपजे आक्रोश को देखते हुए एसपी ने आखिर कहा, 'आप संतुष्ट नहीं तो इसके लिए एसआइटी गठित की जाएगी। सच्चाई सामने आनी चाहिए, आपकी संतुष्टि होनी चाहिए।'

एसपी ने दिलाया भरोसा
एसपी विनीत जयसवाल ने कहा कि परिजनों ने हिमांशु पर ही शक जताया था। पकड़े जाने पर उसने अपना जुर्म कबूला है। परिजनों को विश्वास में लेकर ही पुलिस द्वारा काम किया जा रहा है। परिवार की प्रतिष्ठा को लेकर उल्टे सीधे जिस बयान की बात कही जा रही है उस तरह का कोई बयान उसने पुलिस को नहीं दिया है, ना ही वो पुलिस रिकॉर्ड में है। इस केस की विवेचना अभी चल रही है। पुलिस ने उसे पांच दिन रिमांड पर लाकर पूछताछ करने की अर्जी कोर्ट में लगाई है। रिमांड मंजूर होने पर उससे पूछताछ में उससे विस्तार से बात करने में कई बातें स्पष्ट होंगी। वहीं पूछताछ और विवेचना में ये भी पता किया जाएगा कि इस केस में हिमांशु के अलावा कोई और तो शामिल नहीं था यदि कोई शामिल था तो पुलिस उस तक जरूर पहुंचेगी।












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