3 साल के सोते बच्चे को लूना पर दुपट्टे से बांधकर छोड़ गए मां-बाप, पढ़िए फिर क्या हुआ?

Shahjahanpur news, शाहजहांपुर। 'ये आराम का मामला है'। ये लाइन किसी युवक, बुजुर्ग या किसी महिला के लिए नहीं बल्कि तस्वीर में दिख रहे मोपेड पर दुपट्टे से बंधे इस तीन साल के बच्चे के लिए सटीक बैठती है। जो दुनिया से बेपरवाह अपनी नींद की आगोश में है। इस तस्वीर को देखकर सबसे ज्यादा लापरवाही इस बच्चे के माता-पिता की है।

मोपेड पर बांधकर छोड़ गए मां-बाप

मोपेड पर बांधकर छोड़ गए मां-बाप

इस बच्चे को सोता हुआ छोड़कर मोपेड से बांधकर माता-पिता अपने दो और बच्चों के साथ अस्पताल के अंदर दवा लेने गए। जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी तादाद मे बंदर के अलावा जानवर घूमते रहते हैं। आधे घंटे तक इस बच्ची की जान खतरे में रही। वापस लौटे माता-पिता की लोगों ने फटकार लगाई और माता-पिता मुस्कुरा कर चल दिए।

दुपट्टे से बांधकर भी सोता रहा बच्चा

दुपट्टे से बांधकर भी सोता रहा बच्चा

ये तस्वीर यूपी के शाहजहांपुर के सिंधौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है। जहां मोपेड से एक शख्स अपनी पत्नी और तीन बच्चो के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आया था। पिता ने मोपेड सीएचसी के बाहर खड़ी कर दी। एक बच्चे को पिता ने गोदी में लिया और दूसरे बच्चे को मां ने गोद ले लिया। अब बचा सबसे छोटा बच्चा जो गहरी नींद में सो गया। सबसे छोटे बच्चे की उम्र करीब तीन साल है। बच्चे की गहरी नींद देखकर माता-पिता ने उस छोटे से बच्चे को दुपट्टे और कपड़े से मोपेड से बांध दिया। बच्चा इतनी गहरी नींद में था कि उसको बांधते वक्त उसकी आंख भी नहीं खुली। बच्चा दुपट्टे से बंधा लटकता रहा और सोता रहा। माता-पिता दोनों बच्चों को लेकर सीएचसी के अंदर गए। वहां से दवा लेकर करीब आधे घंटे बाद बाहर आए तब उन्हें भारी भीड़ मिली। उस बच्चे को बंधा देखकर लोग काफी गुस्से में दिखे। मौके पर मौजूद एक शख्स ने बच्ची का फोटो लेकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसके बाद ये तस्वीर चर्चा का विषय बन गई।

लोगों की लगी भीड़

लोगों की लगी भीड़

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर मोपेड के पास लगी भीड़ बच्चे को देख रहे थे। सभी उसके माता-पिता को बुरा भला कहे रहे थे। उसका कारण ये भी है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर भारी तादाद मे बंदरों का जमावड़ा रहता है। इसके अलावा जानवर भी काफी रहते हैं। अगर बंदर या कोई दूसरा जानवर इस बच्चे को नुकसान पहुंचा देता तो उसके जिम्मेदार माता-पिता होते। मौके पर मौजूद लोगों ने बच्ची को इस तरह से अकेला छोड़कर जाने पर माता-पिता की घोर लापरवाही बताई। और भीड़ ने माता-पिता को काफी खरी खोटी सुनाई। लेकिन माता-पिता पर उनकी फटकार का कोई असर नहीं दिखा। क्योंकि बच्चे के माता-पिता ने फटकार सुनकर एक मुस्कुराहट दी और मोपेड स्टार्ट करके चलते बने। लोगों का कहना है कि अगर इस बच्चे को कोई नुकसान पहुंचा देता या फिर कोई भी शख्स इस बच्चे को लेकर चला जाता तो यही माता-पिता अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते।

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