Satna News : प्रधानमंत्री आवास घोटाले में सतना से भोपाल तक मचा हड़कंप, पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट
Satna PM Housing Scam : धनतेरस के दिन बड़ा कार्यक्रम करके पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों साढ़े चार लाख गरीबों को पीएम आवास दिलाने वाली मध्य प्रदेश की सरकार प्रधानमंत्री आवास घोटाले में उलझ गई है। सतना में सामने आये बड़े घोटाले को लेकर पीएमओ द्वारा पूरी रिपोर्ट तलब करने की सूचना से हड़कंप मचा हुआ है। 3 'छोटे' लोगों पर मामला दर्ज करके अपनी चमड़ी बचाने की जुगतबाजी का आरोप मध्य प्रदेश सरकार पर लग रहा है।

मध्य प्रदेश सरकार ने जिस सतना में जलसा किया
उसी जिले में प्रधानमंत्री आवास का घोटाला होने की पुष्टि हुई है। घर बनाने के लिये राशि वर्ष 2021 में स्वीकृत की गई थी। जिले की नागौद तहसील की सबसे बड़ी रहिकवारा ग्राम पंचायत में 55 घर विहीन गरीब ग्रामीणों की 1 अदद घर के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये प्रति आवास के हिसाब से 66 लाख रुपये की स्वीकृत राशि बिचौलियों द्वारा डकार जाने की सनसनीखेज मामला सामने आया है।

3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को जांच का एलान कर दिया है। भोपाल से हुए निर्देश के बाद सतना जिला पंचायत के सीईओ ने गांव के पूर्व सरपंच बलवेन्द्र प्रताप सिंह, पंचायत समन्वयक अधिकारी राजेश्वर कुजूर और 1 रोजगार सहायक बृजकिशोर कुशवाहा के खिलाफ नागौद थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 420, 409 और 34 में मुकदमा दर्ज करवा दिया है।

जांच टीम गठित
घोटाला उजागर होने के बाद रहिकवारा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाये गये 653 घरों के निर्माण कार्यों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। सीईओ ने 10 टीमें गठित करते हुए जांच शुरू करवाई है।

पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट
घोटाला उजागर होने के बाद पीएमओ एक्शन में है। मध्य प्रदेश सरकार से रिपोर्ट तलब की गई है। हालांकि पूरे घोटाले पर ऑन रिकार्ड पत्रकारों से कोई भी किसी तरह की बात करने को तैयार नहीं है।

बीजेपी के पूर्व ज़िलाध्यक्ष का भाई है घोटालेबाज़
सतना ज़िले की रहिकवारा के जिस पूर्व सरपंच आदित्य प्रताप सिंह बघेल के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। वह सतना ज़िला बीजेपी के लगातार 2 मर्तबा अध्यक्ष रहे सुरेन्द्र प्रताप सिंह बघेल का भाई है। प्रधानमंत्री आवास घोटाले का आरोपी आदित्य प्रताप भी 2 बार रहिकवारा का सरपंच रहा है।

पीएम आवास चोरी की शिकायत
पात्र होने के बाद भी रहिकवारा में जिन्हें प्रधानमंत्री आवास नहीं मिले, उनमें मुख्य शिकायतकर्ता- बबलू वर्मा, दिलासा वर्मा, लालमनी चौधरी, परमलाल, कमलेश चौधरी, संतोष बढई, ममता तोमर और रामलली पाला शामिल हैं। इन सभी ने आवास चोरी होने की शिकायत की है। प्रशासन ने जाँच में पाया है। राशि स्वीकृत हुई है, लेकिन इनके कच्चे घरों के बदले मौक़े पर पक्के घर नहीं बने हैं।












Click it and Unblock the Notifications