सागर में भ्रष्टाचार की नहर ने किसानों को कर दिया बर्बाद, सूरजपुरा बांध परियोजना का काम देख हो जायेंगे हैरान
Sagar News: सागर जिले की तहसील केसली में किसानों को सिंचाई की सुविधा के लिए बनाई गई नहर अब किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। दरअसल, नहर के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण ये नहर पहली बारिश में ही जगह-जगह से टूट गई।
सूरजपुरा बांध परियोजना से निकली ये नहर किसानों के लिए अब आफत साबित हो रही है। पहली ही बारिश में नहर पट गई और क्षेत्र के किसानों की फसल चौपट हो गई। किसानों ने परियोजना प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की सरकार से गुहार लगाई है।

नहर बनाते समय बदले गए तीन ठेकेदार
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सागर जिले की तहसील केसली के ग्राम पलोह में सूरजपुरा बांध परियोजना के तहत ये नहर का नहर का निर्माण कार्य बड़ी मुश्किल से हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक इस नहर को बनाते समय तीन ठेकेदारों को बदला गया। इसके बावजूद इसमें घटिया निर्माण कार्य कराया गया। जिसका खामियाजा अब बेकसूर किसानों को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, ग्रामीणों का आरोप है कि नहर को बनाते समय अधिकारी और कर्मचारियों ने जमकर मलाई खाई है। जिसके चलते यह नहर उच्च गुणवत्ता की नहीं बन पाई और पहले ही बारिश में जगह-जगह से फूट गई।

किसानों ने अधिकारियों पर लगाए आरोप
स्थानीय किसान कुलदीप यादव ने बताया कि पिछले दिन हुई बारिश में नहर उनके खेत में पट गई। जिससे उनके खेत में बोए हुए सोयाबीन की फसल भी पानी के साथ बह गई। उनकी लगभग एक से डेढ़ एकड़ खेत की फसल चौपाट हुई है। इसमें किसान के हुए नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा?

किसान ने बताया कि जब मैंने नहर प्रबंधन वालों को जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। वहीं, दूसरे किसान ने बताया कि हमने बोनी बखन्नी खाद बीज किसी तरह खरीदे और फसल बोई। जिसके बाद नहर के पटने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया। मैं कर्ज के बोझ के तले दबता जा रहा हूं। ऐसे में क्या करूं।
आपको बता दें कि यह नहर लगभग 25 गावों से निकली है, जिसमें यह नहर पिछले पानी जगह-जगह क्षति ग्रस्त हो गई है। ग्राम नयागांव के पास नहर टूट गई फिर बम्होरी में किसान के खेत में पट गई। जिससे किसान को काफी नुकसान हुआ है। वहीं ग्राम नयागांव में मेन रोड पर व्यवस्थित सपीले नहीं बनाई, जिससे वहां बड़ी अनहोनी की आंशका रहती है।

ग्राम धनगुआ के पास भी नहर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा है। वहां के तीन किसानों ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश के वजह से नहर के बाजू से पानी निकास के लिए नहर वालों द्वारा बनाई गई नहर में नहर की मिट्टी गिरने से वह नली चोक हो गई। जिससे नली से निकलने वाला पानी उनके घरों और खेतो में भर गया। इसके बाद उन्हें कुछ घंटों के लिए घर छोड़कर भागना पड़ा और उनके घर का राशन पानी भी भीग गया। उनका कहना है कि अगर ऐसा ही आलम बना रहा तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि पानी गिरने से घर भी गिर सकते हैं, जिसका जिम्मेदार कौन होगा।
वहीं ग्राम नहारमऊ के किसान बबलू यादव ने बताया कि उनके खेत में नहर के पटने से उनकी फसलें में काफी नुकसान हुआ है। अब सवाल खड़ा होता है की पिछले साल बनी नहर जो अभी भी कहीं-कहीं अधूरी है। इस तरह जगह जगह पटने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. जिसका जिम्मेदार कौन होगा।
संवाद सूत्र- ब्रिजेश रजक












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