संत रविदास मंदिर से प्रदेश की 54 सीटों पर एससी वोटबैंक को साधने का प्रयास
संत रविदास लोक प्रधानमंत्री के हाथों कराकर बुंदेलखंड की धरती से प्रदेश के अनुसूचित वोट बैंक को साधने का प्रयास भाजपा कर रही है। बीते 2018 के चुनाव में दलित सीटों ने भाजपा का गणित बिगाड़ दिया था, बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा दलित मतदाता मौजूद हैं। इस लिहाज से सागर में मंदिर और पीएम से भूमिपूजन कराकर बीजेपी ने कांग्रेस को तगड़ी पटखनी दी है। बता दें कि एससी वोटरों को लेकर प्रदेश में केवल कांग्रेस और भाजपा ही अगुवाई करती रही है। यहां बसपा या अन्य दल इस वर्ग को प्रभावित करने में नाकाम रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सागर में संत रविदास लोक (मंदिर) के भूमिपूजन का कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनाव और प्रदेश के एससी मतदाताओं को साधने का लक्ष्य रखकर डिजाइन किया गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा एससी वोटर बुंदेलखंड से आते हैं। यह वर्ग प्रदेश की 54 सीटों पर सीधे तौर पर दखल रखता है और हार-जीत का गणित बनाने में भूमिका अदा करता है, इस कारण बीजेपी ने बुंदेलखंड के सागर मुख्यालय से पूरे प्रदेश में संत रविदास मंदिर के साथ-साथ यह मैसेज देने का प्रयास किया है कि भाजपा उनके साथ हरदम खड़ी है।
सागर संत रविदास स्मारक के लिए इसलिए चुना गया है
सागर में संत रविदास मंदिर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंदिर की आधार शिला का कार्यक्रम इसलिए चुना गया है क्योंकि सागर बुंदेलखंड का संभागीय मुख्यालय है। प्रदेश का सेंटर प्वाइंट कह सकते हैंं। सबसे अहम बाद प्रदेश में कुल दलित वोटर 16 प्रतिशत है तो बुंदेलखंड में यह प्रतिशत 22 प्रतिशत है। एमपी में कुल 2023 विधानसभा में से 54 सीटों पर एससी वोटर का प्रभाव है। कुल 35 सीटें प्रदेश में एससी वर्ग के लिए आरक्षित है तो 19 सीटें ऐसी हैं जहां एससी वोटर हार-जीत तय करते हैं। बुंदेलखंड में 26 सीटों में जिनमें से 15 भाजपा के पास 9 कांग्रेस के पास हैं तो बसपा व सपा भी एक-एक सीट पर काबिज हैं। भाजपा अपनी सीटें बचाने के साथ बाकी की 11 सीटों पर भी जीत की उम्मीद से संत रविदास लोक का कार्यक्रम आयोजित कर रही है।












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