पशुओं से ऐसा लगाव की किसान की बेटी बनी वेटरनरी अधिकारी, जानें कौन हैं MPPSC मेंस टॉपर रागिनी मिश्रा
MPPSC 2024 Topper: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 2023 में हुए मेंस का रिजल्ट जारी किया है। जिसमें रीवा रागिनी मिश्रा ने प्रथम रैंक हासिल की है। रागिनी मिश्रा का पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी के पद पर चयन हुआ है।
त्योंथर नगर पंचायत की रहने वाली रागिनी मिश्रा ने प्रदेश में पहला स्थान हसिल करके टॉपर बनी और अपने माता पिता के साथ ही विंध्य और रीवा मान बढ़ाया है।

रागिनी के पिता पेसे से किसान
रागिनी मिश्रा ने MPPSC की परीक्षा दे कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिसमें उन्हे विटनरी असिस्टेंट सर्जन का पद हासिल होगा। MPPSC की परीक्षा में प्रदेश में कुल 80 सीट ही थी और इसमें रागिनी मिश्रा प्रथम स्थान हासिल किया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा बीते 10 सितंबर 2023 को यह परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसका रिजल्ट 21 नवंबर 2023 को घोषित किया गया था और 10 जून 2024 से इंटरव्यू शुरू हो गए थे। इसके बाद 13 जून 2024 को इसका समापन हुआ। इसके बाद अब फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है।
जानिए कौन सा पद होगा हासिल
रागिनी ने बताया की उन्होंने लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विटनरी असिस्टेंट इग्जामिनेशन 2023 की परीक्षा में चयन हुआ है। इसकी आरंभिक परीक्षा 10 सितंबर 2023 को आयोजित की गई थी। इसके बाद रिटर्न इग्जाम क्वालीफाई करने के बाद 10 से 13 जून के बीच इंटव्यू आयोजित किया गया और इसका रिजल्ट गुरूवार 27 जून को किया गया। इसमें कुल 80 पद थे। इस केटेगरी में पूरे प्रदेश प्रथम स्थान हासिल किया है। अब उन्हें विटनरी असिस्टेंट सर्जन का दायित्व सौंपा जाएगा।
जानिए पढ़ाई कहां से कंप्लीट की
रागिनी बताती है की उन्होने अपनी स्कूल शिक्षा त्योंथर स्थित अपने गांव के ही एक निजी सकूल से प्राप्त की थी जबकि ग्रेजुएशन उन्होंने कॉलेज ऑफ विटनरी साइंस एनिमल जबलपुर से कंपलीट किया। उसके बाद उन्होंने PHD विटनरी बायोलॉजि इंडियन विटनरी इंस्ट्यूट उत्तर प्रदेश के बरेली से किया था।
पशु प्रेमी है रीवा की बेटी रागिनी मिश्रा
रागिनी का कहना है की पशु विभाग चुनने की वजह यह थी बचपन से ही वह अपने घर पर गाय और अन्य पशुओं को देखती आ रही है जिसके चलते उनका पशुओं के प्रति लगाव काफी बढ़ गया और तभी से उन्होंने पशुओं की सेवा करने का मन बना लिया था। रागिनी ने पशुओं की सेवा के लिए रिसर्च की तब उन्हे लगा के वह पशु चिकित्सक आधिकारी या विटनरी असिस्टेंट सर्जन बनकर ही वह पशुओं की बेहतर सेवा कर सकती हैं। क्योंकि यह बेजुबान पशु बोल नही सकते और इनकी परेशानी समझना एक बहुत बड़ा संघर्ष है और यहीं से रागिनी को इसकी प्रेरणा मिली।
पीएससी एग्जाम मे किया टॉप
रागनी पीएचडी में ऑल ओवर इंडिया में पहला स्थान हासिल किया था। रागिनी मिश्रा ने बताया कि मेरे लिए यह सफलता प्राप्त करना काफी कठिनाइयो से भरा था। मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली रागनी की मां शिक्षिका है। मां स्कूल चली जाती थी तो रागनी को घर का पूरा काम करना पड़ता था।
पति का मिला साथ
रागिनी मिश्रा अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार जनों को देती है। रागनी की शादी हो चुकी है। वह ससुराल में रहकर तैयारी की और सफलता पाई। रागनी के पति चिकित्सा अधिकारी है और उन्होंने पूरा सहयोग किया।












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