Mohania Tunnel : विंध्य को मिला बड़ा तोहफा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया मोहनिया टनल का लोकार्पण
मध्य प्रदेश की सबसे लंबी और देश की सबसे चौड़ी 6-लेन टनल देश को समर्पित कर दी गई है। गुढ़-सीधी मार्ग पर बनी मोहनिया टनल का 10 दिसंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लोकार्पण किया।

Mohniya Tunnel : केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को विंध्य क्षेत्र के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। बता दें आज मध्य प्रदेश की सबसे चौड़ी 6 लेन की सड़क का यानि मोहनिया टनल का लोकार्पण केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया। जिसे करीब एक हजार 4 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। यह टनल झांसी [उत्तरप्रदेश] को रांची [झारखंड] से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 39 पर बनाई गई है।

100 फीट का तिरंगा फहराया
लोकार्पण का मुख्य कार्यक्रम सीधी क्षेत्र पर हुआ। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मोहनिया टनल पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया। इसके बाद वो सीधे रीवा छोर पर पहुंचे और यहां वो 100 फीट का तिरंगा भी फहराया। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री 2,443 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन किया। बता दें इस टनल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चप्पे-चप्पे में सीसीटीवी कैमरे और अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं।

टनल की खासियत
विंध्य क्षेत्र में इस टनल के बनने का इंतजार लोग काफी समय से कर रहे थे। इसके बनने बाद अब लोकार्पण होने के बाद लोगों को कई सुविधाएं मिलने वाली है। लगे है, फायर कंट्रोल सिस्टम हाइटेक कैमरे, रीवा के मोहनिया घाटी टनल में सुरक्षा को देखते हुए 2.8 किमी लंबी सुरंग में 56 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इसके साथ ही कोई हादसा होने पर फायर कंट्रोल सिस्टम लगाए गए है।
अत्याधुनिक लाइटिंग व इमरजेंसी अनाउंसमेंट- इस टनल के अंदर अंधेरे को दूर करने के लिए हाइटेक लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा किसी इमरजेंसी के टाइम कॉलिंग सुविधा दी गई है।

कम होगी दूरी
घाटी के घुमाव से मिलेगा छुटकारा- इस टनल का लोकार्पण होने से रीवा से सीधी की दूरी करीब सात किमी तक कम हो जाएगी इसके साथ ही मोहनिया घाटी के घुमावदार व खतरनाक चढ़ाई से भी लोगों को छुटकारा मिलेगी। इसके चालू होने से घाटी में होने वाले सड़क एक्सीडेंट में कमी आएगी।

6 लेन के साथ अंडर पास सुविधा
इस टनल की लंबाई 2.28 किलोमीटर है जिसमे वाहनों के आने जाने के लिए तीन-तीन लेन बने है इसके अलावा इसमें अंडर पास सुविधा दी गई है, जिसके चलते कोई भी वाहन बीच रास्ते से रिटर्न भी लौट सकता है। इस टनल के निर्माण से वन्य जीव भी आसानी से पहाड़ के ऊपर घूम सकेंगे व वाहनों के एक्सीडेंट का शिकार नहीं होंगे।












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