आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी से जमीन कब्जा मुक्त, किसानों को वापस देने के लिए नपाई शुरू
रामपुर। आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में प्रशासन के पहुंचने के बाद उन किसानों के लिए भी आवाजाही खुल गई जो बरसों से कैंपस के अंदर अपनी जमीनों पर नहीं जा सकते थे। किसानों ने बताया कि प्रशासन द्वारा उनकी जमीनों की माप की जा रही है और उन्हें उम्मीद है की उन्हें उनकी जमीनें वापस मिल जाएंगी।

किसानों की 20 बीघा जमीन की गई थी कब्जा
उप जिलाधिकारी सदर पीपी तिवारी ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी के बनने के समय बिना किसी क्रय-विक्रय के आलिया गंज के किसानों की लगभग 20 बीघा जमीन को जो पांच गाटा संख्या में है अवैध कब्जा करके यूनिवर्सिटी में शामिल कर ली गई थी। इस जमीन को किसान जोत नहीं पा रहे थे। बाद में किसानों द्वारा शिकायत की गई और 26 अलग-अलग एफआईआर कराई गई हैं। बाद में एक सामूहिक एफआईआर प्रशासन की तरफ से भी कराई गई, जिसके तहत ट्रस्ट के अध्यक्ष होने के कारण मोहम्मद आजम खान को भूमाफिया घोषित किया गया था।

किसानों को सौंपी जाएगी जमीन
इस मामले में कुल 26 किसान हैं और अब तक 10 से 12 किसानों को कब्जा दिला दिया गया है। नपत की प्रक्रिया लगातार चल रही है। प्रशासन द्वारा किसानों को जमीन सौंपी जा रही है। वहीं, जौहर यूनिवर्सिटी के वीसी द्वारा स्टे की बात पर उप जिलाधिकारी ने कहा इस तरह के का कोई भी ऑर्डर हमें अभी नहीं दिया गया है नहीं दिखाया गया है।

मुनादी के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए आजम खान
बता दें, अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में शुक्रवार को आजम, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे को कोर्ट में पेश होना था। प्रशासन की तरफ से सड़कों पर मुनादी कराई गई थी, लेकिन वह शुक्रवार को भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने मामले में अब 11 फरवरी की तारीख तय करते हुए पुलिस से भी रिपोर्ट तलब की है।












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