VIDEO: कोरोना से जूझते बच्चे खुश रहें इसलिए आइसोलेशन वार्ड में रोज यूं कहानी सुनाती हैं नर्स
राजकोट। गुजरात में राजकोट के सरकारी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से नर्स का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिससे समझा जा सकता है कि वे कोरोना मरीजों के लिए क्या-क्या नहीं करती होंगी। इस अस्पताल में कई बच्चे भी भर्ती हैं। वे घबराएं नहीं और खुश रहें, इसलिए नर्स मां बनकर उन्हें लोरियां सुनाती हैं। कुछ कहानियां सुनकर बच्चे मुस्करा उठते हैं। यह उन बच्चो के लिए मानसिक तौर पर भी राहत देने वाला होता है।

यहां कोविड-19 अस्पताल में इन दिनों 7-8 बच्चे हैं
संवाददाता ने बताया कि, शहर के कोविड-19 अस्पताल में इन दिनों 7-8 बच्चों का इलाज चल रहा है, जो कि कोरोना वायरस से ग्रस्त हैं। इस दौरान बच्चों को मां की कमी न हो, नर्स इस तरह उनका खास ख्याल रख रही हैं। हाल ही एक 11 दिनों की बच्ची समेत 2 बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे छुट्टी दी गई। बाकी बच्चे अपने परिवार को भूलकर खुशी-खुशी अपना इलाज करवा रहे हैं। अपने बच्चों को घर पर छोड़कर फर्ज निभाने वाली नर्स बच्चों के लिए यशोदा मां बन गई हैं।

एक कोरोना पॉजिटिव महिला के बच्चे को भी संभाल रहीं
25 अप्रैल को ही फिनाजबेन नामक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वह गर्भवती होने पर दूसरे ही दिन उसका सिजेरियन किया गया और संक्रमण न हो, इसलिए उसके नवजात को तुरंत ही अलग कर दिया गया। मासूम की रिपोर्ट तो निगेटिव आई, लेकिन स्वाभाविक रूप से उसे मां की कमी महसूस हो रही थी। ऐसे में यहां की नर्से मां बनकर उसकी देखभाल कर रही हैं।

हम रोज नहलाती हैं, डायरपर बदलती हैं, गाती भी हैं
यहां फर्ज निभा रही नर्स मोनिकाबेन जेठवा बोलीं- ''उस मासूम का अपनी मां से मिलना संभव नहीं था। ऐसे में हम उसकी माता के पास जाते हैं और उनका एक्सप्रेस्ड दूध प्रति घंटे मासूम को चम्मच से पिलाते हैं। अभी उसका कोई नाम नहीं रखे जाने के कारण हम उसे 'बाबो' बुलाते हैं। इतना ही नहीं, नहलाने के साथ उसका डायपर भी हम बदलते हैं। जब वह जग रहा होता है तब उसको गोदी में उठाकर मां की तरह गाना गाकर सुलाते हैं, ताकि मां की कमी महसूस न हो।












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