हार्दिक की दोस्त रेशमा बोली- भाजपा टिकट दे या ना दे, पोरबंदर से ही लड़ूंगी लोकसभा चुनाव

Gujarat News, राजकोट। पाटीदार अनामत आंदोलन के बाद भाजपा से जुड़ीं रेश्मा पटेल ने अपने ही दल पर तंज कसते हुए कहा है कि मौजूदा सरकार से किसान और महिलाएं त्रस्त हैं। यदि पार्टी अपने वादे पूरे नहीं करती है तो नुकसान ही झेलेगी।'

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बकौल रेशमा, ''अब कोई पार्टी मुझे टिकट दे या ना दे, पोरबंदर से लोकसभा चुनाव के लिए मैं रेडी हूं। बता दें कि, वे आज राजकोट दौरे पर हैं। यहीं उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब मैं भाजपा से जुड़ी तो मुझसे कुछ वादे किए गए थे। जिसके चलते लोक कल्याण के उद्देश से मैंने भाजपा के साथ जुड़ने का निर्णय किया था। लेकिन आज पक्ष द्वारा वादा पूरा नहीं किया गया। मैं जिसके भी पक्ष में हूं, उसकी सच्चाई लोगों के सामने लाना मेरा फर्ज है। तो पक्ष टिकट दे या ना दे, मैंने पोरबंदर की सीटसे लोकसभा चुनाव लड़ने का निर्णय कर लिया है।''

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उन्होंने आगे कहा कि भाजपा को आमजन की ताकत दिखाने के लिए ही मैंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इसके लिए पोरबंदर क्षेत्र में कई लोगों से मुलाकात भी की है। मेरी इच्छा है कि, भाजपा के सामने तमाम पक्ष एक हो कर लड़ें। हालांकि कांग्रेस या एनसीपी ने आजतक अपना रवैया स्पष्ट नहीं किया है। लेकिन मेरा मुख्य उद्देश समाज सेवा करना है। इसके लिए मैंने अपनी जन्म और कर्मभूमि सौराष्ट्र से चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है।

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हार्दिक के साथ देखी जाती थीं रेशमा
मालूम हो कि हार्दिक पटेल और रेशमा दोनों बहुत से मौकों पर साथ देखे गए। भाजपा ने पाटीदार आंदोलन को काबू में करने के लिए रेशमा से बात की। तब जो बातचीत हुईं, वह रेशमा ने मान लीं और सत्ताधारी दल के साथ हो लीं। वह माणावदर के भलगांव की वतनी हैं और उनका परिवार राजकोट में रहता है।

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