राजकोट अग्निकांड: 5 कोरोना मरीजों की मौत मामले में संचालक समेत 3 पकड़े गए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए ये खुलासे
राजकोट। गुजरात में राजकोट स्थित उदय शिवानंद कोविड हॉस्पिटल के आईसीयू में लगी आग से कई कोरोना मरीजों की जान चली गई थी। हादसे के वक्त वहां एक दर्जन मरीज भर्ती थे। जिनमें से 5 की मौत हो गई, वहीं अन्य कई की हालत गंभीर हो गई। अब इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए हॉस्पिटल के संचालक को पकड़ लिया है। संचालक अलावा दो अन्य चिकित्सकों को भी हिरासत में लिया गया है।

राजकोट पुलिस जोन-2 के पुलिस उपायुक्त मनोहर सिंह जाड़ेजा ने बताया कि, सभी की कोरोना जांच कराई जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि, जिस आईसीयू वार्ड में मरीजों को भर्ती कराया गया था, वहां इमरजेंसी गेट बंद हालत में था। उसके आगे मशीनरी रखी हुई थी। आईसीयू वार्ड में वेंटिलेशन की व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे धुएं के निकलने की जगह नहीं थी। इमरजेंसी में अस्पताल से बाहर जाने के लिए कोई इमरजेंसी गेट नहीं था। इतन ही नहीं, आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने के साधनों का उपयोग करने का अस्पताल के कर्मचारियों को कोई प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया था।जिसके चलते आईसीयू वार्ड के बाहर तैनात पैरा-मेडिकल के कर्मचारी आग बुझाने के साधन का उपयोग नहीं कर सके। एक और बात- वहां आईसीयू वार्ड का दरवाजा 3 फुट 4 इंच जितना ही चौड़ा था। अस्पाल से बाहर जाने का कोई अन्य दरवाजा भी नहीं था।

अग्निकांड में जिन लोगों की जान गई, उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि मरीजों की मौत का कारण आग से झुलसना और दम घुटना था। मृतकों की पहचान केशूभाई अकबरी, रामशी लोह, रसिकलाल अग्रावत, संजय राठौड एवं नितिन बदाणी के तौर पर हुई। उनका पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि, केशूभाई अकबरी की मौत दम घुटने से, जबकि रामशी लोह, रसिकलाल अग्रावत, संजय राठौड और नितिन बदाणी की मौत झुलसने के चलते हुई। बता दिया जाए कि, हॉस्पिटल में आग 27 नवंबर की रात को लगी थी। तब पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था। हालांकि, बाद में दवाब बढ़ने पर संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया।












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