हार्दिक पटेल का लोकसभा चुनाव लड़ना हुआ मुश्किल, गुजरात हाईकोर्ट में की अपील
Rajkot News, राजकोट। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का लोकसभा चुनाव लड़ना मुश्किल होता जा रहा है। एक निचली अदालत से मिली सजा के मामले में अगर गुजरात हाई कोर्ट राहत नहीं देता तो वह चाहकर भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। बता दें कि इससे पहले 12 मार्च को हार्दिक कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं। साथ ही हार्दिक के जामनगर से चुनाव लड़ने की सबसे अधिक संभावना जताई जा रही है।

2015 में हुआ हिंसा के मामले में सुनाई गई थी सजा
हार्दिक को पिछले साल 25 जुलाई को एक स्थानीय अदालत ने दो साल के साधारण कारवास की सजा सुनाई थी। उन पर जुर्माना भी लगाया गया था। हार्दिक को यह सजा राज्य के महेसाणा जिले के विसनगर में 23 जुलाई 2015 को एक आरक्षण रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में सुनाई गई थी। तत्कालीन स्थानीय भाजपा विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय पर हमला और तोड़फोड़ करने का आरोप भी लगा था।

2 साल की सजा वाले नहीं लड़ सकते चुनाव
नियम के मुताबिक दो साल या इससे अधिक की सजा वाले लोग चुनाव नहीं लड़ सकते। इसी वजह से हार्दिक ने शुक्रवार को एक बार फिर गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया। उनके वकील रफीक लोखंडवाला ने बताया कि हार्दिक ने अदालत में एक अर्जी दी है जिसमें विसनगर की अदालत की सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया गया है, ताकि हार्दिक के चुनाव लड़ने में परेशानी न हो या उन्हें अयोग्य न ठहराया जा सके।

गुजरात की जामनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे?
बता दें कि हार्दिक 12 मार्च को कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम सकते है। चर्चा तो यह भी है कि हार्दिक पटेल कांग्रेस की जामनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते है। वहीं, हार्दिक के एक करीबी सहयोगी ने कहा, 'पटेलों, मुस्लिमों और दलितों की एक बड़ी आबादी के साथ, हार्दिक के पास इस क्षेत्र में एक मजबूत मौका है। हार्दिक पटेल के लिये अमरेली और मेहसाणा सीटों पर भी सक्रियता से विचार किया जा रहा है।












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