कोरोना महामारी के बीच राजस्थान के बाड़मेर के 23 साल के यारू जुनेजा ने 478 लोगों को दी 'नौकरी'
बाड़मेर। कोरोना के दौर में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। लोगों के सामने भारी आर्थिक संकट है। सारी नकारात्मकता के बीच राजस्थान के बाड़मेर का एक युवक अपनी सकारात्मक कोशिशों की वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है। बाड़मेर जिले के गांव भाडखा के यारू जुनेजा नामक 23 साल के युवक अपनी कंपनी 'डिजिटल इनोवेशन' चलाते हैं। लॉकडाउन और उसके बाद की अवधि में इनकी कम्पनी ने 478 लोगों को रोजगार दिया है। अलग-अलग क्षेत्र के जानकारों को फ्रीलांसर के तौर पर काम दिया गया है।

बड़ी हस्तियों को ऑनलाइन प्रेज़ेन्स बढ़ाने में करते हैं सहयोग
यारू जुनेजा बड़े राजनेताओं, राजनीतिक दलों,अधिकारियों,सोशल एक्टिविस्ट, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाडियों से लेकर बिजनेसमैन और बॉलीवुड के सितारों तक के लिए सोशल मीडिया पर रणनीति तैयार कर उनके ऑनलाइन प्रजेंस बढ़ाने में मदद करते हैं।

इंटरनेट का बढ़ गया है उपयोग
घूमने फिरने की पाबंदी के कारण पूरी दुनिया में इंटरनेट का उपयोग बढ़ गया है। बड़ी हस्तियों ने भी ऑनलाइन माध्यमों पर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया है. बढ़ते काम को देखते हुए यारु ने फैसला लिया कि फ्रीलांसरों को काम दिया जाए।

देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों को दिया है काम
कम्पनी ने सोशल मीडिया रेपुटेशन मैनेजमेंट, ग्राफिक डिज़ाइन, एनीमेशन, वीडियो एडिटिंग,सोशल मीडिया संचालन, ऑनलाइन विज्ञापन, गीत-कविता लेखन, वेबसाइट डिजाइनिंग,अनुवाद आदि कामों के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले 478 लोगों को बतौर फ्रीलांसर काम देना शुरू किया है।

लोगों की आर्थिग तंगी दूर करना लक्ष्य
मीडिया से बातचीत के दौरान यारु ने बताया कि उन्होंने तो शुरआत अपनी ज़रूरतों के लिए ही की थी, लेकिन बाद में आभास हुआ कि इस त्रासदी में वह ढेर सारे परिवारों की आर्थिक तंगी दूर कर पा रहे हैं। उनके अनुसार फ़िलहाल वह आत्मसंतोष की अनुभूति से ओतप्रोत और निरंतर अपने कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं।












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