rajasthan news: टोंक में विधवा ममता जांगिड़ ने बच्चों के साथ मांगी मुख्यमंत्री भजनलाल से इच्छामृत्यु
rajasthan news: राजस्थान में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की गृहनगरी टोंक में आरएसएस के प्रचारक और शिक्षक से परेशान एक विधवा महिला किसान परिवार ने मुख्यमंत्री भजनलाल से इच्छामृत्यु मांगी है।
टोंक जिले मंडावर गांव की विधवा महिला ममता जांगिड़ ने अपनी तीन बेटियों और एक बेटे के साथ जिला कलक्ट्रेट पहुंची और मुख्यमंत्री ने नाम ज्ञापन सौंप जिला कलेक्टर से इच्छामृत्यु मांगी है।

विधवा ममता जांगिड़ ने जिला कलेक्टर सौम्या झा से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंप आरएसएस के प्रचार और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर इच्छामृत्यु की मांग की है।
राजस्थान के टोंक जिले में मृतक किसान घनश्याम जांगिड़ की विधवा पत्नी ममता जांगिड़ ने अपने बच्चों के साथ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से इच्छामृत्यु की मांग कर रही है।
दरअसल टोंक जिले के अलीगढ़ थाना क्षेत्र के मंडावर गांव की विधवा महिला ममता जांगिड़ अपनी तीन बेटियों और एक बेटे के साथ जिला कलक्ट्रेट पहुंची। जहां उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग की है।
Rajasthan news: टोंक में क्यों विधवा बच्चों संग मांग रहीं मौत,जानिए क्या है मामला pic.twitter.com/OWmSwf29G0
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) February 6, 2024
पीड़िता ने बताया कि उनकी जमीन पर पति की मृत्यु के बाद दबंग सरकारी शिक्षक और खुद को RSS प्रचारक बताकर उनकी जमीन हड़पना चाहता है।
अब किसान परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। जबकि न्याय नहीं मिलने की वजह से और तंग आकर अब पूरे परिवार एक साथ इच्छा मृत्यु की मांग कर रहा है। वहीं, यह भी कहा गया है कि उनकी मृत्यु का जिम्मेदार प्रशासन, पुलिस और नामजद आरोपी होंगे।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
टोंक जिले के अलीगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के मंडावरा गांव की एक विधवा महिला ने अपने चार बच्चों के साथ टोंक जिला कलेक्टर सौम्या झा के सामने पेश होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिसमें गांव के ही एक सरकारी शिक्षक सहित कुछ प्रभावशाली लोगों के खिलाफ और परिवार की पैतृक जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने, साथ ही फसलों को नुकसान पंहुचाने जैसे आरोप लगाए है।
इसके अलावा ज्ञापन में खुद और तीन बेटियों के साथ एक पुत्र की जान को खतरा बताते हुए मांग की है कि या तो हमें न्याय दिलाया जाए या फिर इच्छा मृत्यु दे दी जाए।
पीड़िता ने बताया है कि परिवार पर झूठा कर्ज लेने का आरोप लगाया जा रहा है। जयराम मीणा ने उन पर 30 लाख रुपये कर्ज लेने का आरोप लगाया है।
पीड़ित विधवा का कहना है कि मेरे पति की मृत्यु के बाद गांव के सरकार शिक्षक जसराम मीणा जो खुद को आरएसएस का प्रचारक बता कर दंबंगई करता है।
उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहता है, जबकि परेशान करने को लेकर रात में फसल काटकर ले जाता है। हमें फंसाने के लिए उसने 30 लाख रुपये कर्ज लेने का झूठा आरोप लगा रहा है।
वहीं, पुलिस भी उल्टे हमें ही धमकाती है. पुलिस भी हम पर दवाब बना रही है कि हम उनसे समझौता कर लें।
पीड़िता ने बताया कि अकेले जसराम मीणा ही नहीं बल्कि रामफूल मीणा, हाथीराम मीणा, जयराम मीणा और लल्लू राम मीणा सभी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और हमारी फसल काट कर ले जाते हैं।
बीजेपी सरकार बनने के बाद आरोपी झाड़ रहे रूआब
पीड़िता ममता जांगिड़ ने अपने ज्ञापन में बताया है कि आरएसएस प्रचारक बता कर परेशान करते है। जब से राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनी है तो पार्टी का रुबाब दिखाया जाता है। मेरे अनाथ बच्चों को रोज धमकाया जाता है। मुझे लगा था कि बीजेपी की सरकार बनेगी तो हमें समस्या से मुक्ति मिलेगी लेकिन अब और ज्यादा समस्या बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इच्छा मृत्यु की गुहार
पीड़ित परिवार ने ज्ञापन में कहा है कि अगर हमें न्याय नहीं दिया जाता है तो इन दरिंदों के हाथों से मरने से अच्छा है कि मुख्यमंत्री जो हमारे मुखिया है उनके हाथों से लिखे हुए इच्छा मृत्यु के आदेशों के बाद हमें संवैधानिक तरीके से सपरिवार मौत देने का कष्ट करें।
जिला कलेक्टर सौम्या झा ने दिखाई संवेदनशीलता
विधवा ममता जांगिड़ और बच्चों की शिकायत पर जिला कलेक्टर सौम्या झा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक से जांच करवा रिपोर्ट लेंगे। अगर कोई सरकारी कर्मचारी होते भी डरा धमका रहे है। तो उसके खिलाफ भी विभागीय जांच करवा कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर डॉक्टर सौम्या झा के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार राहत महसूस कर रहा है।
पीड़िता ने उम्मीद जताई है कि अब जिला कलेक्टर उनकी शिकायत पर गम्भीरता से एक्शन लेगी और दोषियों पर कार्रवाई करेंगी।
आपकों बता दे कि भाजपा की सरकार में ऐसा पहला मामला साामने आया है जब कोई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) ने नाम पर किसी परिवार को धौंस बता रहा है। इतना ही नहीं सरकारी शिक्षक होने के बावजूद अपने पद का दुरूपयोग कर रहा है।












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