Rajasthan News: मुख्यमंत्री, प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को राजेंद्र राठौड़ से मांगनी पड़ी माफी, जानिए पूरा मामला
Rajasthan News: राजस्थान में भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सत्ता को लेकर चल रहा संग्राम अब संगठन तक पहुंच गया है। प्रदेश में हाल ही में नियुक्त हुए प्रभारी सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने पिछले दिनों जयपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ को लेकर कुछ ऐसा कह दिया कि राज्य की राजनीति में बड़ा बवाल खड़ा हो गया।
यह बवाल इतना बड़ा हो गया कि प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल और भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ को आम कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ गया। सूत्रों की मानें तो राजेंद्र राठौड़ के अपमान के मामले को लेकर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस मामले को लेकर राजेंद्र राठौड़ से फोन कर माफी मांगी है।

राठौड़ की गैरमौजूदगी पर गरम हुए प्रभारी
दरअसल, जयपुर में पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर हुई बैठक में प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने पार्टी नेताओं की गैर मौजूदगी को लेकर क्लास ले ली। बैठक में कई सांसद विधायक और मंत्री नहीं पहुंचे थे। इस पर प्रभारी गुस्सा हो गए। अपने सम्बोधन के दौरान प्रभारी जब नेताओं का नाम ले रहे थे तो उन्होंने राजेंद्र राठौड़ का भी नाम लिया। जब राजेंद्र राठौड़ उन्हें बैठक में नहीं दिखे तो उन्होंने इस मामले को लेकर खरी खोटी सुनाते हुए अध्यक्ष की जवाबदेही तय कर दी।
मां से मिलने के लिए बैठक से निकले राठौड़
असल में राजेंद्र राठौड़ बैठक में मौजूद थे। लेकिन थोड़ी देर बाद ही वे बैठक से उठकर अपनी मां से मिलने वैशाली नगर चले गए। उनकी गैरमौजूदगी में राजेंद्र राठौड़ के लिए कही गई बातों से उनके समर्थक गुस्सा हो गए। उन्होंने इसे राजेंद्र राठौड़ का अपमान माना। देवली उनियारा सीट पर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हुई संगठनात्मक बैठक में प्रभारी और अध्यक्ष की मौजूदगी में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए राजेंद्र राठौड़ के पक्ष में नारेबाजी कर प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा माफी मांगे जाने की मांग उठा दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के अपमान से पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सूत्रों का दावा है कि मामला बिगड़ते देख मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष ने राजेंद्र राठौड़ को फोन कर उनसे माफी मांगनी पड़ी है।
गोविंद सिंह डोटासरा ने लगाई आग
वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ के अपमान के मामले को लेकर आग में घी डालने का काम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने किया। डोटासरा ने कथित तौर पर राठौर का बचाव करते हुए उनकी पार्टी के नेताओं पर सियासी हमला किया। उन्होंने कहा कि राजेंद्र राठौड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। सात बार विधायक रहे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। इतने वरिष्ठ नेता को अपमानित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी में बीजेपी की ही नेताओं की कदर नहीं है। बीजेपी में नए प्रभारी आए हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की हाजिरी ले रहे हैं। उन्हें राजेंद्र राठौड़ को अपमानित करने के बजाय उनकी वरिष्ठता का ध्यान रखना चाहिए था।
गोविंद सिंह डोटासरा ने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद राजेंद्र राठौड़ की बीजेपी में कोई वैल्यू नहीं रही है। राठौड़ ने लोकसभा का टिकट मांगा। लेकिन नहीं दिया गया। बाद में राज्यसभा का टिकट मांगा। वह भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि टिकट गई भाड़ में। कम से कम उनका अपमान तो मत करो। पार्टी की बैठकों में हाजिरी लेकर उन्हें प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है। इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है। अपने ही नेता को प्रताड़ित करते हैं। इसके बाद कुछ बच नहीं जाता है।
पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में फैला आक्रोश
जयपुर में पार्टी की बैठक में राजेंद्र राठौड़ के अपमान और गोविंद सिंह डोटासरा के बयान के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और राजेंद्र राठौड़ समर्थकों में आक्रोश फैल गया। नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि देवली उनियारा सीट पर उपचुनाव को लेकर फीडबैक के दौरान भाजपा प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को कार्यकर्ताओं का विरोध का सामना करना पड़ गया। आखिरकार इस मामले में मुख्यमंत्री प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को राजेंद्र राठौड़ से माफी मांग कर मामला शांत करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद राठौड़ ने दी सफाई
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के अपमान का मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लग गया। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना शुरू कर दिया। राठौड़ समर्थकों ने लिखा कि राजेंद्र राठौड़ है तो भाजपा है। इस मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद राजेंद्र राठौड़ ने सोशल मीडिया पर सफाई दी।
राजेंद्र राठौड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कुछ लोग मेरे और भाजपा संगठन के प्रति भ्रम फैलाकर अनर्गल ट्रेन चल रहे हैं। जिसका मैं विरोध करता हूं। मैंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन भाजपा संगठन के लिए समर्पित किया है और भविष्य में भी एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन को मजबूती देने के लिए अनवरत कार्यरत हूं। मेरी सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील है कि सोशल मीडिया पर अनर्गल टिप्पणियां ना करें भाजपा है तो हम हैं। आपको बता दें कि अभी राजेंद्र राठौड़ हरियाणा विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार में जुटे हैं।












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