Rajasthan Election 2023: राजस्थान चुनाव में वो 5 नेता, जिनको टिकट दिलाने के लिए पूरा पाकिस्तान मांग रहा दुआ
राजस्थान में अगले महीने की 25 नवबंर को एक चरण में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावों के ऐलान के बाद पार्टियां कैंडिडेट्स के नामों का ऐलान कर रही है। बीजेपी जहां अपने कुछ प्रत्याशियों का ऐलान कर चुकी है। वहीं कांग्रेस जल्द ही नामों का ऐलान कर देगी।
लेकिन राजस्थान की सीमा से सटी कई विधानसभाएं में चुनाव में लड़ने के इच्छुक नेताओं के लिए पाकिस्तान में दुआएं की जा रही है। दरअसल बॉर्डर से सटे कई इलाके ऐसे हैं जहां पर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के रिश्तेदार सीमा पार पाकिस्तान में रहते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे नेताओं से रूबरू कराएंगे।

शाले मोहम्मद- पोखरण सीट
शाले मोहम्मद जैसलमेर के सीमावर्ती इलाके के भागू का गांव के है। वे सिंधी मुसलामानों के धर्मगुरु है। जिनके अनुयायी पाकिस्तान के सिंध इलाके में भी है। शाले मोहम्मद व उनके परिवार के सदस्य पाकिस्तान आते-जाते रहते हैं। ऐसे में पाकिस्तान में रहे रहे उनके अनुयायी टिकट के लिए दुआएँ कर रहे हैं। ताकि उनके नेता को फिर से चुनावी मैदान में उतर सकें।
अमीन खान- शिव सीट
बाड़मेर जिले की शिव सीट से कांग्रेस विधायक अमीन खान हाल ही में अपने बयान के चलते सुर्खियों में आए थे। अमीन खान दिग्गज अल्पसंख्यक नेता है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित शिव विधानसभा क्षेत्र से अमीन खान पांच बार विधायक रह चुके हैं। अमीन खान का ससुराल पाकिस्तान में गोगासर में है। अमीन बॉर्डर के गांव देताणी में रहते है, जिसके सामने के गांवों में ही उनके ससुराल है। उनके विधायक बनने से लेकर चुनाव लड़ते तक उत्सुकता पाकिस्तान में उनके परिजनों को रहती है।
तरूणराय कागा- चौहटन सीट
बाड़मेर जिले की चौहटन विधानसभा सीट पर पाक विस्थापितों के नेता तरूणराय कागा भी टिकट के लिए दावेदारी ठोंक रहे हैं। तरूणराय कागा इस सीट से 2013 में विधायक चुने गए थे। 2018 में बीजेपी से टिकट ना मिलने पर कागा ने पार्टी छोड़ दी थी। जिसके बाद बीजेपी भी इस सीट से हार गई थी। कागा 971 की लड़ाई में भारत आए और यहां सीमावर्ती चौहटन में बस गए। सरकारी नौकरी बाद भाजपा से चुनाव लड़ा और 2013-18 में विधायक रहे। उनके पाकिस्तान में भी रिश्तेदार हैं। जिनसे मिलने वह पाकिस्तान भी जाते हैं। उनका शरणार्थी वोटों पर बड़ा असर है।
फतेह खान - शिव सीट
बाड़मेर की शिव सीट से कांग्रेस अध्यक्ष फतेह खान टिकट की दावेदारी कर रहे हैं लेकिन मौजूदा विधायक अमीन खान अपने बेटे को टिकट देने की पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, को लेकर भी पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हुई हैं।
मानवेंद्र सिंह : जैसलमेर सीट
बीजेपी के दिवंगत दिग्गज नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने 2018 में भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। मानवेन्द्र के पाकिस्तान में सिंधी मुसलमानों के आध्यात्मिक नेता पगारो के पीर से सीधे संबंध है। इसलिए पाकिस्तान में मानवेंद्र सिंह को टिकट को लेकर दुआएं की जा रही है। हालांकि उन्हें कांग्रेस से टिकट मिलेगा या नहीं स्थिति अभी साफ नहीं हुई है।












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