Spardha Chaudhary RLP: पहले सचिन पायलट, अब हनुमान बेनीवाल से पंगा लेने वाली स्पर्धा चौधरी कौन हैं?
Spardha Chaudhary vs Hanuman Beniwal RLP: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में महिला नेता स्पर्धा चौधरी ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को तगड़ा झटका दिया है। स्पर्धा चौधरी ने आरएलपी छोड़ दी और सोशल मीडिया पर लिखा कि ''मैं रालोपा की प्राथमिक सदस्यता सें त्याग करती हूं। कारण क्या रहें वो Hanuman Beniwal जी बताएँगे मैं नहीं''
स्पर्धा चौधरी राजस्थान की राजनीति में जाना-माना चेहरा है। कांग्रेस में भी रही और वर्तमान में आरएलपी की महिला विंग की जिम्मेदारी संभाल रही थी। आरलएपी के सभी उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल होते ही स्पर्धा चौधरी ने आरएलपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

राजस्थान की सियासत में पहले सचिन पायलट से पंगा लेने और हनुमान बेनीवाल का साथ छोड़ने वाली स्पर्धा चौधरी के बारे में जानिए।
स्पर्धा चौधरी का जीवन परिचय
- बता दें कि स्पर्धा चौधरी पहले कांग्रेस में हुआ करती थीं। प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष रहीं। आरएलपी में आकर महिला मोर्च की अध्यक्ष बनीं।
- स्पर्धा चौधरी पर राजस्थान के चर्चित पेपर लीक केस में भी आरोप लगे। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने तो स्पर्धा चौधरी को पेपर लीक की मास्टर माइंड तक बता दिया था।
- किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों का आरएलपी नेता स्पर्धा चौधरी ने न केवल खंडन किया बल्कि किरोड़ी को मानहानि का नोटिस तक भेजा था, जिसका किरोड़ी की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया।
- राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के मौके पर पेपर लीक केस को लेकर ईडी कांगेस नेताओं के साथ-साथ स्पर्धा चौधरी के ठिकानों पर भी छापे मारे थे।

चुनाव भी लड़ चुकी हैं स्पर्धा चौधरी
- स्पर्धा चौधरी ने फुलेरा सीट से राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 लड़ा था, जिसमें 9946 वोट मिले।
- इससे पहले कांग्रेस में रहते हुए स्पर्धा चौधरी फुलेरा से टिकट मांग रही थी। उस समय कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी ने स्पर्धा के टिकट की पैरवी की थी।

सचिन पायलट की गाड़ी को घेरा
- स्पर्धा चौधरी राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम रहे और राजस्थान चुनाव 2023 में टोंक प्रत्याशी सचिन पायलट से भी पंगा ले चुकी हैं।
- हुआ यूं कि साल 2018 में फुलेरा से टिकट मांग रही स्पर्धा चौधरी के नाम को लेकर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उस समय के पीसीसी चीफ सचिन पायलट व कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी के बीच अनबन हो गई।
- सचिन पायलट पूर्व मंत्री हरिसिंह को टिकट दिलाने के पक्ष में थे। फिर स्पर्धा चौधरी व उनके समर्थकों ने सचिन पायलट की गाड़ी को घेर लिया था।
- सचिन पायलट की गाड़ी को घेरना इसे अनुशासनहीनता माना गया और स्पर्धा चौधरी को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य और प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।












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