Rajasthan: जब सरकार ने रोका उपराष्ट्रपति धनखड़ का हेलीकॉप्टर, डिप्टी CM बैरवा कैसे बने संकट मोचक?
Premchand Bairwa Deputy CM Rajasthan: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने एक बार उनके हेलीकॉप्टर को उतरने की इजाजत नहीं दी। तब प्रेमचंद बैरवा (अब डिप्टी सीएम) ने संकट मोचक की भूमिका निभाई।
दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा परिषद की ओर से आरआईसी में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार को सम्बोधित कर रहे थे। तब धनखड़ ने एक पुराने वाक्ये का जिक्र भी किया।

धनखड़ ने कहा कि एक बार मुझे एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दूदू के चौरू में धन्ना जाट भगत की जन्म स्थली जाना था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने मेरे हेलीकॉप्टर को उतरने की परमिशन नहीं दी।
इसके बाद दूदू से विधायक व वर्तमान सरकार में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने एक किसान को तैयार किया, जिसने जिला कलेक्टर को लिखकर दिया कि मेरे खेत में एक नहीं बल्कि तीन हेलीकॉप्टर उतर सकते हैं।
तब जाकर जिला कलेक्टर ने परमिशन दी और उप राष्ट्रपति धनखड़ का हेलीकॉप्टर दूदू में उतर सका और ये धन्ना भगत की जन्म स्थली पर जाकर दर्शन कर सके।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कार्यक्रम में मौजूद राजस्थान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से कहा कि आपको व मुझे अनायास यह सौभाग्य मिला है। इसलिए हमें जन आकांक्षाओं पर खरा उतरना है।
धनखड़ ने कहा कि मैंने आज की अवकाश नहीं लिया और आपको कोई अवकाश लेने नहीं देगा। आप जल्दी चीजों को ग्रहण कर लेना। राजस्थान के बहुत अच्छे दिन आ गए हैं, पूत के पग पालने में ही दिखने लगे हैं।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राम मंदिर को लेकर भी अपनी बात रखी। कहा कि कुछ लोग हैं, जिन्होंने राम को काल्पनिक मानते हुए कोर्ट में हलफनामा दिया। वे अज्ञानी हैं। पूरी दुनिया अब समझ गई कि भारत का अमृत काल चल रहा है। हमने वो दिन भी देखा था कि 1989 में दो ट्रक भरकर सोना स्विस बैंक में गिरवी रखना पड़ा था।












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