Virdharam Siyol Family: अब कौन संभालेगा विरधाराम सियोल का करोड़ों का कारोबार? जानें पत्नी-बच्चों के बारे में
Virdharam Siyol Barmer Rajasthan: 'वक्त से छीन लाएंगे अपने हिस्से की जीत...वो दौर ही क्या जिसमें चर्चे ना हो...' यह बात विरधाराम सियोल ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखी थी, जो सच साबित हो गई। सड़क हादसे में विरधाराम सियोल की मौत के बाद उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ में सिर्फ एक चर्चा थी कि विरधाराम के चले जाने के बाद अब उनका करोड़ों का कारोबार कौन संभालेगा?
बता दें कि करोड़ों के मालिक विरधाराम सियोल अपने पीछे पत्नी के अलावा के दो बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता छोड़कर गए हैं। वे इकलौते बेटे थे। बेटी याशिका उनके दिल के बहुत करीब थी, जिसकी एक बानगी विरधाराम सियोल के इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की तस्वीरें हैं। विरधाराम सियोल बाड़मेर के रहने वाले युवा उद्यमी थे, जो श्री गणेश ट्रेवल्स, VR सियोल कंस्ट्रक्शन कंपनी और यशिका इंटरप्राइज के मालिक थे।
यह भी पढ़ें- Virdharam Siyol Net Worth: कितने अमीर थे विरधाराम, मौत के बाद मैसेज-'कल चर्चा में थे, आज दुनिया में ही नहीं'

विरधाराम सियोल ने बेटी के साथ आखिरी पोस्ट 6 सप्ताह पहले शेयर की थी, जो संभवतया किसी धार्मिक स्थल के दौरे की थी। बेटी याशिका के जन्मदिन पर विरधाराम सियोल ने लिखा था कि 'बेटा भाग्य है; तो बेटी सौभाग्य Happy birthday daughter Yashika Siyol ✨🎂' वहीं, शादी की सालगिरह पर पत्नी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि 'जिंदगी की सारी मुश्किलों से लड़ने के लिए व खुश रहने के लिए तुम्हारा साथ काफी है💝👩❤️👨 #myanniversary'
v r siyol Death News: शवयात्रा में करीब 2 KM लंबी लाइन
विरधाराम सियोल की 11 फरवरी 2025 को उत्तर प्रदेश के कानपुर के सड़क पास सड़क हादसे में मौत हो गई। कानपुर एक्सप्रेस हाईवे पर बल्हौर के पास मंगलवार सुबह करीब 7 बजे स्विफ्ट कार आगे जा रहे ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में विरधाराम सियोल के दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। 12 फरवरी को राजस्थान के बाड़मेर जिले के गांव गालाबेरी में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी शवयात्रा करीब दो किलोमीटर लंबी थी। जनसैलाब उमड़ा।
अंतिम यात्रा देख लोग बोले-विरधाराम थे अच्छे इंसान
सोशल मीडिया पर विरधाराम सियोल की अंतिम यात्रा के वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं। @Aditya4BMR लिखते हैं कि 'अंतिम यात्रा आज है, और अंतिम यात्रा में आई भीड़ बता रही है विरधाराम सियोल किस प्रकार के इंसान थे।' पोस्ट पर इसी के कमेंट अन्य कई यूजर ने दिए हैं। हालांकि विरधाराम सियोल बाड़मेर के हिस्ट्रीशीटर व तस्कर भी थे। ऐसे में कइयों ने यह भी लिखा-'जैसी करनी वैसी भरनी'
विरधाराम पर NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज
राजस्थान के बाड़मेर जिले के गालाबेरी गांव का रहने वाला विरधाराम सियोल हाल ही में सुर्खियों में आया, जब पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित करोड़ों की संपत्ति को जब्त कर लिया। विरधाराम पर NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज थे और पुलिस ने उसकी दो करोड़ की कोठी, तीन लग्जरी बसें और एक कार को सीज किया था। इस कार्रवाई के महज 19 घंटे बाद ही उसकी एक सड़क हादसे में मौत हो गई।
यह भी पढ़ें- Virdharam Siyol: राजस्थान में कौन था वीरधाराम सियोल, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ गया पूरा बाड़मेर

तस्करी से करोड़ों की संपत्ति, आलीशान कोठी पर पुलिस का शिकंजा
बाड़मेर पुलिस ने पहली बार किसी नशा तस्कर की संपत्ति को फ्रीज किया था। विरधाराम सियोल के खिलाफ 2012 से 2023 तक 10 मामले दर्ज थे, जिनमें से तीन NDPS एक्ट, चार मारपीट, दो अवैध हथियार और एक वाहन चोरी का मामला शामिल था। पुलिस ने लगभग छह महीने तक कानूनी प्रक्रिया अपनाकर नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी ली और फिर कार्रवाई की।
विरधाराम ने अपनी अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए "वी.आर. सियोल कंस्ट्रक्शन" नाम की कंपनी भी बनाई थी, जिसमें वह तस्करी से मिले पैसों को कारोबार के मुनाफे के रूप में दिखा रहा था। पुलिस को इस मामले की गहराई से जांच करनी पड़ी और आखिरकार उसकी संपत्ति जब्त कर ली गई।
मौत की रहस्यमय कहानी: हादसा या बदकिस्मती?
10 फरवरी को जब पुलिस विरधाराम की संपत्ति को जब्त कर रही थी, तब वह अपने पूर्वजों का तर्पण करने के लिए बिहार के गया जा रहा था। अगले ही दिन 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास उसकी स्विफ्ट कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विरधाराम की मौत हो गई।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
बाड़मेर जिले में 12 फरवरी को जब विरधाराम का अंतिम संस्कार किया गया, तो उसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। जहां पुलिस उसे तस्कर मानती थी, वहीं गांव वालों के लिए वह मददगार और हंसमुख इंसान था। सोशल मीडिया पर उसकी अंतिम यात्रा की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें भारी भीड़ देखी जा सकती है।
क्या विरधाराम की संपत्ति सरकार के कब्जे में रहेगी?
पुलिस ने विरधाराम की कुल पांच संपत्तियों को फ्रीज किया था। अब उसके परिजनों के पास 45 दिन का समय है, जिसमें वे सक्षम प्राधिकारी के सामने अपील कर सकते हैं। अगर अपील खारिज हो जाती है, तो यह संपत्ति सरकार के नाम हो जाएगी। गांव में इनके दो करोड़ का एक आलीशान बंगला है। साथ में कई लग्जरी गाड़िया, कई लग्जरी बस भी हैं। जैसलमेर से दिल्ली रूट की नई बस सेवा का शुभारंभ 28 जनवरी 2025 को ही किया था।
विरधाराम सियोल: अपराधी या सिस्टम का शिकार?
कुछ लोग विरधाराम को एक संगठित अपराधी मानते हैं, जिसने नशे के धंधे से करोड़ों की संपत्ति बनाई। वहीं, गांव के कुछ लोगों का कहना है कि वह हमेशा जरूरतमंदों की मदद करता था और पुलिस ने उसे निशाना बनाया।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विरधाराम वाकई एक तस्कर था, या फिर वह कानून और सिस्टम की जकड़ में आ गया? उसकी संपत्ति का क्या होगा और उसके परिवार पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।












Click it and Unblock the Notifications