'इसी परिवार से जाएगी मेरी अर्थी', राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे किसका देंगी अंतिम सांस तक साथ?
Vasundhara Raje Biography: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे सिंधिया ने हाल ही में आगरा में एक जनसभा के दौरान अपनी मां, राजमाता विजय राजे सिंधिया के संघर्षपूर्ण दौर का उल्लेख किया। वसुंधरा राजे ने कहा कि आपातकाल के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राजमाता को संदेश भेजा था-"हमारे साथ आओ, वरना जेल जाओ।" राजमाता ने इसका दो-टूक जवाब देते हुए कहलवा दिया कि वे न इंदिरा गांधी से डरती हैं और न उनकी जेल से।
वसुंधरा राजे ने बताया कि उनकी मां ने कहा था-"जनसंघ मेरा परिवार है, जिसे किसी कीमत पर नहीं छोड़ सकती। चाहे 100 इंदिरा गांधी आ जाएं।" इसके बाद इंदिरा गांधी ने राजमाता विजय राजे सिंधिया को तिहाड़ जेल भेज दिया, जहां उन पर तरह-तरह के जुल्म किए गए।

वसुंधरा राजे ने गर्व से कहा-"मैं उन्हीं राजमाता साहब की बेटी हूं। उन्हीं की बताई राह पर ताउम्र चलूंगी। भाजपा मेरा घर-परिवार है। जब भी यहां से जाऊंगी, मेरी अर्थी ही जाएगी।"
वसुंधरा राजे का जीवन परिचय
वसुंधरा राजे सिंधिया का जन्म 8 मार्च 1953 को मुंबई में हुआ। वे ग्वालियर राजघराने से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता महाराजा जीवाजीराव सिंधिया और मां राजमाता विजय राजे सिंधिया भारतीय राजनीति में अत्यंत प्रभावशाली हस्तियां रहीं।
वसुंधरा राजे की शिक्षा प्रतिष्ठित सोफिया कॉलेज, मुंबई से हुई। 1972 में उनका विवाह धौलपुर राजघराने के हेमंत सिंह से हुआ। उनके पुत्र दुष्यंत सिंह वर्तमान में सांसद हैं।
राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1984 में भाजपा में शामिल होने से हुई। 1985 में वे पहली बार मध्यप्रदेश विधानसभा की सदस्य निर्वाचित हुईं। बाद में वे सांसद बनीं और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विदेश राज्य मंत्री तथा अन्य मंत्रालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
2003 में वसुंधरा राजे ने राजस्थान में भाजपा का नेतृत्व किया और पहली बार मुख्यमंत्री बनीं। उनके कार्यकाल में राज्य में कई विकास योजनाएं शुरू हुईं। 2013 में वे दूसरी बार राजस्थान की मुख्यमंत्री बनीं। वसुंधरा राजे को प्रदेश में भाजपा के जनाधार को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है।
वसुंधरा राजे अपनी स्पष्टवादिता और संघर्षशील छवि के लिए जानी जाती हैं। वे सार्वजनिक मंचों पर हमेशा अपनी मां राजमाता विजय राजे सिंधिया के बलिदान और विचारधारा का उल्लेख करती रही हैं।
हाल ही में आगरा में दिया उनका बयान फिर से यह साबित करता है कि उनके लिए पार्टी सिर्फ एक संगठन नहीं बल्कि परिवार है, जिसे वे अपनी मां की तरह जीवन भर समर्पित रहकर निभाना चाहती हैं।
भाजपा कार्यक्रम में अव्यवस्था, वसुंधरा राजे को धक्का-मुक्की का सामना
आगरा में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने आरबीएस कॉलेज सभागार में कार्यक्रम रखा। मुख्य अतिथि के तौर पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया पहुंचीं। जैसे ही वे गेट से अंदर जाने लगीं, भीड़ बेकाबू हो गई और कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की के बीच उन्हें सभागार तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम शुरू होते ही लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को कुर्सियां नहीं मिलीं, जिससे वे भड़क उठे और जोरदार हंगामा कर दिया। स्थिति इतनी अव्यवस्थित रही कि मंच संचालन कई बार बाधित हुआ।
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