वर्षा टांक : 23 साल की कॉलेज छात्रा बनीं सरपंच, बाइक पर सवार हो घर-घर जाकर करती है विकास पर चर्चा

भीलवाड़ा। तस्वीर में माथे पर जीत का तिलक और सिर पर पगड़ी बांधे मोटरसाइकिल पर बैठी यह युवती गांव की उम्मीद है। नाम है वर्षा टांक। महज 23 की उम्र में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के करेड़ा पंचायत समिति के ग्रामीणों ने इसे गांव की बागडोर सौंप ​दी।

राजस्थान के सबसे कम उम्र की सरपंचों में से एक

राजस्थान के सबसे कम उम्र की सरपंचों में से एक

राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2020 हुए तो वर्षा के सामने गांव के एक आईएएस की पत्नी मैदान में थी, मगर ग्रामीणों ने वर्षा पर भरोसा जताया और इसे राजस्थान की सबसे कम उम्र के सरपंचों में से एक बना दिया। अब वर्षा खुद मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव के घर-घर जाती है और समस्याओं के समाधान पर चर्चा करती है। अविवाहित वर्षा का कहना है कि वो अपनी शादी से पहले गांव को बदलता हुआ देखना चाहती हैं।

कॉलेज की पढ़ाई कर रही है सरपंच वर्षा

कॉलेज की पढ़ाई कर रही है सरपंच वर्षा

फिलहाल उदयपुर के कॉलेज से एमएससी फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही वर्षा गांव की बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना चाहती हैं। साथ ही वो चाहती हैं कि गांव में आए दिन होने वाली चोरियों की वारदात पर रोकथाम हो। इसके लिए वे खुद गांव के लोगों को जागरुक कर रही हैं। इसके अलावा गांव के विकास कार्यों पर भी उनका खास ध्यान है।

सरपंच वर्षा टांक का परिवार

सरपंच वर्षा टांक का परिवार

जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा जिले के करेड़ा की करेड़ा की ज्ञानगढ़ ग्राम पंचायत से 22 साल की वर्षा टांक ने सरपंच का चुनाव जीता है। वर्षा के पिता कन्हैया लाल टांक ज्ञानगढ़ स्कूल में लेक्चरर हैं। वर्षा के एक भाई और दो बहन हैं। सबसे बड़ा भाई अभिषेक समाज सेवा से जुड़ा है। दूसरी नंबर की वर्षा है। वर्षा अब उदयपुर में एमएससी की छात्रा होने के साथ-साथ गांव की सरपंच है। वर्षा की दोनों बहन सुरभि और जानवी भी वर्षा के साथ उदयपुर में पढ़ाई करती हैं। मां सज्जन देवी हाउसवाइफ हैं।

वर्षा का मुकाबला पूर्व सरपंच से हुआ

वर्षा का मुकाबला पूर्व सरपंच से हुआ

बता दें कि ज्ञानगढ़ गांव में 22 जनवरी को हुए दूसरे चरण के मतदान में वर्षा टांक ने आईएएस महेंद्र पाल गुर्जर की पत्नी लक्ष्मी देवी को हराया। लक्ष्मी देवी भी ज्ञानगढ़ की सरपंच रह चुकी है। वर्षा से पहले लक्ष्मी देवी सरपंच थीं। सरपंच चुनाव 2020 में वर्षा के लिए लक्ष्मी देवी के सामने जीतना बड़ी चुनौती था। पढ़ाई के साथ-साथ राजनीति के जरिए समाजसेवा का जज्बा रखने वाली वर्षा ने 206 वोटों से लक्ष्मी देवी को हरा दिया। वर्षा की जीत पर गांव ज्ञानगढ़ में आतिशबाजी की गई

बालिका शिक्षा को देंगे बढ़ावा

बालिका शिक्षा को देंगे बढ़ावा

गांव ज्ञानगढ़ की सरपंच चुने जाने के बाद वर्षा टांक ने कहा कि स्वच्छता व पेयजल के मुद्दे को लेकर वह काम करेंगी। गांव में बेटियों की पढ़ाई लिखाई का स्तर सुधारने में भी उनका जोर रहेगा। वर्षा कहती है कि उसकी राजनीति में आने की कोई दिलचस्पी नहीं थी, मगर अपने गांव ज्ञानगढ़ से नशाखोरी और अशिक्षा जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए सरपंच चुनाव में हिस्सा लिया।

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