राजस्थान पुलिस-बजरी माफिया के बीच एनकाउंटर, अंधाधुंध फायरिंग में दो लोगों की मौत
धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले के बसई डांग थाना इलाके में जगदीश का अड्डा गांव के पास पुलिस और बजरी परिवहन करने वाले लोगों के बीच मुठभेड़ में दो की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित गुर्जर समाज के लोगों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और शव लेने से इनकार कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव धौलपुर जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिए।

उधर, आईजी बीजू जॉर्ज जोसफ के निर्देश पर भरतपुर रेंज आईजी लक्ष्मण गौड़ मौके पर पहुंचे और गुर्जर समाज के लोगों से समझाइश की। इस दौरान गुर्जर समाज के लोगों ने दो लोगों की मौत के जिम्मेदारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और मृतकों के आश्रितों को मुआवजे की मांग की। मामले में बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने गुर्जर समाज के लोगों और धौलपुर जिला कलक्टर नेहा गिरी, भरतपुर रेंज आईजी लक्ष्मण गौड़ और एसपी मृदुल कच्छावा के साथ बैठक कर समाज की मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तब मामला शांत हुआ।

गौरतलब है कि 30 अगस्त 2019 को बसई डांग थाना पुलिस और क्यूआरटी फ़ोर्स की संयुक्त मुठभेड़ सहरोन के पास जगदीश का अड्डा गांव के पास हुई थी। पुलिस ने बजरी परिवहन कर रहे लोगों का पीछा किया तो लोगों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की।

फायरिंग में दाे युवकाें सेवक व भाेलू की माैत हाे गई, जबकि दाे कांस्टेबल ईश्वरी व रूपेंद्र सहित 6 लाेग घायल हुए। एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरे ने इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। दो युवकों की मौत हो जाने के बाद लोगों में गुर्जर समाज के लोगो में आक्रोश भड़क गया। जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में पहुंचे गुर्जर समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया।













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